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ईरान को लेकर ट्रंप का सख्त संदेश, कहा- परमाणु हथियार कभी नहीं...

Rajeev Singh · 4 अगस्त 2026
Iran US War

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ तनाव और संभावित बातचीत को लेकर एक बार फिर तीखा बयान दिया है। बीते दिन यानी सोमवार को उन्होंने दावा किया कि तेहरान बातचीत शुरू करने की कोशिश करता है, लेकिन सार्वजनिक तौर पर इससे इनकार करता है। ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिका किसी भी हाल में ईरान को परमाणु हथियार बनाने नहीं देगा।

ट्रंप ने सोशल ट्रूथ पर साधा निशाना

सोशल ट्रूथ पर साझा किए गए अपने संदेश में ट्रंप ने कहा कि ईरानी अधिकारी बार-बार मुलाकात और बातचीत की इच्छा जताते हैं। ट्रंप ने कहा कि कुछ लोग "बातचीत के लिए गुहार" भी लगा रहे है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि वार्ता आगे बढ़ने के बावजूद ईरान सार्वजनिक रूप से यह कहता है कि अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हो रही और केवल ओमान के साथ संपर्क बना हुआ है, उन्होंने यह भी कहा कि ईरान लगातार होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) पर अपना प्रभाव बनाए रखने की बात दोहराता रहता है, जबकि वास्तविक स्थिति इससे अलग है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नियंत्रण का दावा

ट्रंप ने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसेना की मजबूत मौजूदगी है और वहां अमेरिका की स्थिति बेहद प्रभावी है, उन्होंने कहा कि जब तक अमेरिका नहीं चाहेगा, तब तक ईरान तक कोई महत्वपूर्ण आपूर्ति नहीं पहुंच सकेगी। ट्रंप के मुताबिक, यह स्थिति तब तक बनी रहेगी जब तक कोई समझौता नहीं हो जाता या ईरान पूरी तरह अपनी नीतियों में बदलाव नहीं करता, उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति कभी नहीं दी जाएगी।

ईरान ने ट्रंप के दावों को किया खारिज

उधर, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने ट्रंप के अप्रत्यक्ष बातचीत संबंधी दावों को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ईरान की ओर से किसी प्रतिनिधि को बातचीत के लिए भेजने या किसी अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करने की कोई योजना नहीं है। उनके अनुसार फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच किसी प्रकार की वार्ता नहीं चल रही है।

अमेरिका-इजरायल की कार्रवाई पर भी जताई आपत्ति

बाघेई ने अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई को केवल ईरान के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए खतरा बताया। उन्होंने कहा कि यह मामला पूरे पश्चिम एशिया की स्थिरता से जुड़ा है, साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान और ओमान के बीच किसी तरह का मतभेद नहीं है। उनके अनुसार दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत का उद्देश्य जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए एक अस्थायी समुद्री मार्ग तय करना है।

 

 

 

Written By Toshi Shah