सात महीने से जारी संघर्ष के बीच बदले सुर! ईरान से बात करना चाहते हैं ट्रंप, UNGA में मुलाकात की उम्मीद
Trump Iran Meeting: अमेरिका और ईरान के बीच करीब सात महीने से जारी संघर्ष के बीच कूटनीतिक बातचीत की संभावनाएं एक बार फिर सामने आई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सलाहकारों के सामने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के दौरान मौजूद ईरानी अधिकारियों से मुलाकात की इच्छा जताई है। हालांकि, अभी तक ऐसी किसी बैठक का औपचारिक कार्यक्रम तय नहीं हुआ है।
CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप चाहते हैं कि अगर परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो ईरानी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की जाए। संभावित मुलाकात में ट्रंप के साथ उनके कुछ शीर्ष सलाहकार भी शामिल हो सकते हैं। अमेरिकी प्रशासन के भीतर इस बात पर चर्चा चल रही है कि ऐसी बातचीत से ईरान के साथ संघर्ष खत्म करने की दिशा में कोई ठोस रास्ता निकल सकता है या नहीं।
क्या ईरानी प्रतिनिधि बातचीत के लिए तैयार हैं?
अमेरिकी अधिकारियों के बीच इस बात को लेकर भी अनिश्चितता है कि न्यूयॉर्क पहुंचे ईरानी अधिकारियों को तेहरान के सर्वोच्च नेतृत्व का पर्याप्त समर्थन हासिल है या नहीं। वहीं, ईरान की ओर से भी ट्रंप के साथ सीधे संवाद को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। ईरान के मौजूदा प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री अब्बास अराघची और राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन शामिल हैं। पेजेश्कियन UNGA में हिस्सा लेने न्यूयॉर्क पहुंचे हैं।
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा है कि वॉशिंगटन ईरानी प्रतिनिधियों से बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन अभी कोई बैठक निर्धारित नहीं है। रुबियो के मुताबिक, बातचीत तभी उपयोगी होगी जब उससे सकारात्मक परिणाम निकलने की संभावना हो। अमेरिका की प्रमुख मांग यह है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल न करे।
माइक वॉल्ट्ज ने भी कहा- ट्रंप बातचीत के लिए खुले हैं
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने भी संकेत दिया कि ट्रंप बातचीत के दरवाजे बंद नहीं कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ईरान की ओर से वास्तव में कौन बातचीत के लिए अधिकृत है और क्या वहां के प्रतिनिधियों को सर्वोच्च नेतृत्व का समर्थन प्राप्त है।
इस बीच, UNGA में ट्रंप और पेजेश्कियन की मौजूदगी ने दोनों देशों के बीच सीधे संपर्क की संभावना को चर्चा में ला दिया है। हालांकि, दोनों देशों ने अभी तक ट्रंप और पेजेश्कियन के बीच आमने-सामने बैठक की पुष्टि नहीं की है।
युद्ध के बीच बढ़ा तनाव
संभावित बातचीत ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका-ईरान संघर्ष का समाधान अभी दूर दिखाई दे रहा है। ट्रंप ने हालिया बयानों में ईरान पर दबाव बनाए रखने और आगे की कार्रवाई को लेकर कड़े संकेत दिए हैं। दूसरी ओर, ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने दोबारा सैन्य कार्रवाई की तो संघर्ष का दायरा और हथियारों का इस्तेमाल दोनों बढ़ाया जा सकता है।
ईरान ने हाल में यह संकेत भी दिया है कि यदि अमेरिका सैन्य दबाव कम करता है और ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटाता है, तो वह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने पर बातचीत कर सकता है। ऐसे में न्यूयॉर्क में हो रही संयुक्त राष्ट्र महासभा अमेरिका और ईरान के बीच संभावित कूटनीतिक संपर्क के लिए अहम मंच बन गई है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या दोनों पक्ष बातचीत की मेज तक पहुंचेंगे या तनाव एक बार फिर सैन्य टकराव की ओर बढ़ेगा।