TGT-PGT भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का हल्लाबोल, पुरानी नियमावली बहाल करने की मांग
TGT-PGT Recruitment: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में TGT-PGT उम्मीदवारों का विरोध-प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा। उम्मीदवार टीजीटी की पुरानी नियमावली लागू करने की मांग कर रहे हैं। सरकार ने पहले यह कभी नहीं बताया है कि बीएड इसमें अनिवार्य होगा और यूपी टेट भी इसमें अनिवार्य कर दिया गया है। यूपी टेट के फॉर्म आने के बाद सरकार ने इस चीज ऐलान किया है। इससे हमारे कई साथी बाहर हो जाएंगे, कम 10 से 12 लाख साथी बाहर हो रहे हैं जिससे हम भर्ती से वंचित रह जाएंगे।
पुरानी नियमावली और पुराने परीक्षा पैटर्न की मांग
प्रयागराज जिले के पत्थर गिरजाघर क्षेत्र में टीजीटी-पीजीटी भर्ती में पुरानी नियमावली लागू करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध-प्रदर्शन लगातार जारी है। अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त पड़े लगभग 20,000 पदों पर भर्ती नई नियमावली के बजाय पुरानी नियमावली और पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर करने की मांग की जा रही है।
इसी आंदोलन के बीच 16 दिन जौनपुर के एक प्रतियोगी छात्र विजय बहादुर की आकस्मिक मौत हो गई थी। इस घटना के बाद धरना स्थल पर मौजूद अन्य विद्यार्थियों में गहरा आक्रोश देखने को मिला। सभी छात्रों ने एकजुट होकर दिवंगत साथी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
लाखों अभ्यर्थी पात्रता के संकट से जूझ रहे
प्रदर्शनकारी छात्रों ने प्रशासन और शासन की कार्रवाई पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। छात्र नेताओं ने कहा कि अंतिम अवसर की मांग परीक्षार्थियों के उज्जवल भविष्य से जुड़ी है। छात्रों का कहना है कि नई नियमावली और नई शैक्षिक अर्हताओं (जैसे बीएड और यूपीटेट की अनिवार्यता में बदलाव) से लाखों अभ्यर्थी पात्रता के संकट से जूझ रहे हैं और परीक्षा से बाहर हो सकते हैं। हाल ही में छात्रों ने शिक्षा निदेशालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और आमरण अनशनरत छात्र कफन ओढ़कर विरोध जता रहे हैं।
यह भी पढ़ें: