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बिहार बाढ़ संकट पर तेजस्वी यादव का सरकार पर हमला, बोले- 'लोग बाढ़ से मर रहे और करोड़ों रुपये दीया-बाती में खर्च'  

Pradeep Singh · 21 सितम्बर 2026
तेजस्वी यादव

पटना : राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य में बाढ़ और सूखे की स्थिति को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सूखा प्रभावित किसानों को 15 हजार रुपये मुआवजा देने की मांग की।

बिहार में लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित

पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, वहीं कम बारिश के कारण कई इलाकों में सूखे जैसे हालात हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में लोग बाढ़ की वजह से परेशान हैं, जबकि प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर दीया-बाती कार्यक्रम में करोड़ों रुपये खर्च किए गए।

बिहार की "डबल इंजन" सरकार पर हमला

तेजस्वी यादव ने केंद्र और राज्य की "डबल इंजन" सरकार पर हमला करते हुए कहा कि बिहार करीब एक महीने से आपदा की स्थिति का सामना कर रहा है। कुछ इलाकों में बाढ़ तो कुछ क्षेत्रों में सूखे जैसी स्थिति बनी हुई है।

उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक रसोई और राहत शिविरों को जल्द बंद किए जाने पर सवाल उठाया। तेजस्वी ने कहा कि पानी कम होने के बाद भी प्रभावित परिवारों की समस्याएं खत्म नहीं होतीं, इसलिए राहत शिविर और सामुदायिक रसोई जारी रहनी चाहिए।

दीये जलाने पर हुए खर्च को लेकर सवाल

RJD नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर हुए आयोजनों और दीये जलाने पर हुए खर्च को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने पीएम केयर्स फंड से बिहार को मिली सहायता का विवरण भी मांगा।

तेजस्वी यादव ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बिहार दौरे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सूखा प्रभावित क्षेत्रों का भी दौरा करना चाहिए था, जहां कम बारिश के कारण किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं।

उन्होंने मांग की कि सूखे से प्रभावित प्रत्येक किसान को तत्काल कम से कम 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए।

नदियों के जलस्तर बढ़ने से कई जिले बाढ़ की चपेट में

बिहार में गंगा और अन्य नदियों के जलस्तर बढ़ने से कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। राज्य प्रशासन के अनुसार प्रभावित इलाकों में SDRF और NDRF की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर, सामुदायिक रसोई और नावों के जरिए सहायता पहुंचाई जा रही है।

राजनीतिक दलों की ओर से भी राहत कार्यों के लिए योगदान दिया गया है। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 11 लाख रुपये दिए हैं, जबकि बीजेपी ने 51 लाख रुपये का योगदान दिया है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी राहत कोष में एक महीने का वेतन देने की घोषणा की है।

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