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UCC को लेकर तरुण चुघ का बड़ा दावा: ‘जैसे तीन तलाक खत्म किया, वैसे ही UCC होगा लागू’

MADHVI TANWAR · 14 सितम्बर 2026
तरुण चुघ

Uniform Civil Code: भाजपा सांसद तरुण चुघ ने UCC को लेकर बड़ा बयान दिया है। तरूण चुघ ने अपने बयान में कहा है कि, 21 राज्यों में भाजपा के नेतृत्व वाली NDA सरकार साल 2029 से पहले UCC लागू करेगी। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह और पीएम मोदी की तारीफ भी की। तरूण चुघ ने कहा कि पीएम ने जैसे 3 तलाक को खत्म किया वैसे ही अब यूसीसी को जल्द से जल्द लागू करने पर जोर दे रहे हैं।

21 राज्यों में समान नागरिक संहिता लाने की घोषणा

रविवार को गृह मंत्री अमित शाह ने 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता लाने की घोषणा की। जिसके बाद बीजेपी के तमाम नेताओं ने इसका स्वागत किया। भाजपा सांसद तरुण चुघ ने मीडियो को दिए एक बयान में कहा कि, देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन तलाक को समाप्त करके मुस्लिम महिलाओं को सम्मान दिलाया था और अब UCC इसका अगला पड़ाव है। बीते दिन गृह मंत्री ने ऐलान किया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि साल 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले एनडीए शासित राज्यों में एक समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी। सरकार अभी भी हितधारकों के साथ राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर तैयार करने पर चर्चा कर रही है।

आदिवासी समूहों को यूसीसी से छूट दी गई

साल 2024 के चुनावी घोषणापत्र में यूसीसी को लागू करने का वादा किया था। इसके तहत पार्टी सभी नागरिकों के लिए विवाह, उत्तराधिकार और तलाक जैसे विषयों पर समान कानूनी ढांचा लागू करना चाहती है। आदिवासी समूहों को यूसीसी से छूट दी गई है ताकि वे अपने जातीय रीति-रिवाजों, परंपराओं और पहचान को बनाए रख सकें।

अनुच्छेद 370 को किया खत्म

मुंबई में बीते दिन अमित शाह ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, हमारी सरकार ने मुस्लिम महिलाओं के समान अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए तीन तलाक को समाप्त किया। हमने बिना एक बूंद खून बहाए और एक गोली चलाए अनुच्छेद 370 को खत्म किया। कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। कुछ राज्यों ने यूसीसी लागू किया है। हमारा संकल्प है कि 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले भाजपा शासित सभी 21 राज्यों में यूसीसी लागू किया जाए।

क्या है यूसीसी

यूसीसी (UCC) का पूरा नाम समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) है, जो देश के सभी नागरिकों के लिए धर्म, जाति या लिंग के भेदभाव के बिना एक समान कानून लागू करने का प्रस्ताव है

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