सुप्रीम कोर्ट से गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी के छात्र को राहत, Cockroach Janta Party विरोध पर जारी नोटिस वापस
सुप्रीम कोर्ट ने गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी के छात्र अक्षत त्रिपाठी को बड़ी राहत देते हुए उत्तर प्रदेश प्रशासन की ओर से जारी 5 लाख रुपये के बॉन्ड वाले नोटिस को वापस लेने के बाद मामले की सुनवाई बंद कर दी। कोर्ट ने साफ कहा कि इस नोटिस के आधार पर छात्र के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
5 लाख रुपये के बॉन्ड का था नोटिस
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहन की पीठ अक्षत त्रिपाठी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। छात्र ने ग्रेटर नोएडा के कार्यपालक मजिस्ट्रेट की ओर से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 130 के तहत जारी नोटिस को चुनौती दी थी।इस नोटिस में छात्र से 5 लाख रुपये का निजी मुचलका और इतनी ही राशि के दो जमानतदार देने को कहा गया था। प्रशासन का आरोप था कि वह प्रस्तावित Cockroach Janta Party (CJP) धरने में छात्रों को शामिल होने के लिए प्रेरित कर रहा था।
कोर्ट में सरकार ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि संबंधित नोटिस पहले ही वापस लिया जा चुका है।इस पर अदालत ने सरकार का बयान रिकॉर्ड में लेते हुए कहा कि नोटिस के आधार पर पहले की गई किसी भी कार्रवाई को भी रद्द माना जाएगा और छात्र के खिलाफ भविष्य में कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी।
पहले भी जताई थी नाराजगी
इस मामले की पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने ग्रेटर नोएडा के कार्यपालक मजिस्ट्रेट की कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताई थी। मुख्य न्यायाधीश ने सवाल उठाया था कि जब अदालत पहले ही छात्र आंदोलन से जुड़े मामलों में एफआईआर रद्द कर चुकी थी और छात्रों के खिलाफ जबरन कार्रवाई पर रोक लगा चुकी थी, तब ऐसा नोटिस कैसे जारी किया गया।