टीएनपी न्यूज़
होम / देश
देश

स्टेट बार काउंसिल में महिलाओं को 30% आरक्षण का मामला: जानिए क्या बोले सुप्रीम कोर्ट के CJI?

MADHVI TANWAR · 22 सितम्बर 2026
Supreme Court

Supreme Court: स्टेट बार काउंसिल में महिलाओें को 30 प्रतिशत आरक्षण देने के मामले में आज यानी मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की गई। कोर्ट रूम में वरिष्ठ वकील शोभा गुप्ता ने बताया कि पूर्व में सुप्रीम कोर्ट ने स्टेट बार काउंसिल के चुनाव 2 सप्ताह में कराने का आदेश दिया था। लेकिन अब अर्जी दायर होने के बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया यानी BCI की संरचना में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

CJI ने मामले में सुनवाई करते हुए क्या कहा?

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने सुनवाई के दौरान मामले में बार-बार दायर होने वाली अर्जियों का जिक्र कर सवाल उठाए। जिसमें उन्होंने कहा, कि क्या महिलाओं को मिलने वाले 30 प्रतिशत आरक्षण से जुड़ा अपना आदेश कोर्ट को वापस ले लेना चाहिए। CJI ने मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि उन्हें एक पत्र मिला। जिसमें महिला वकीलों ने आरोप लगाते हुए कहा है कि सुप्रीम कोर्ट BCI के अधिकार अपने हाथ में ले रहा है। इसके खिलाफ महिला वकील एकजुट होकर प्रदर्शन करेंगी।

CJI ने क्यों उठाए सवाल?

CJI के सवाल पर वरिष्ठ वकील शोभा गुप्ता ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है महिला वकीलों ने जो आरोप लगाए हैं वह सही नहीं है। जो पर्चे बांटे गए, उनमें सुप्रीम कोर्ट के आदेश को असंवैधानिक बताया गया है। इस मुद्दे पर जस्टिस बागची ने भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यह राय का मामला है। जस्टिस बागची ने ब्रिटिश जज लॉर्ड डेनिंग से जुड़ा एक उदाहरण कोर्ट में दिया। उन्होंने कहा कि जब लॉर्ड डेनिंग को 'ओल्ड फूल' कहा था, तो 'ओल्ड' यानी बूढ़ा होना तथ्य है, जबकि 'फूल' यानी मूर्ख होना है।

BCI के अधिकारों की कथित 'टेकओवर' पर बोले CJI

मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया में महिलाओं के 30 प्रतिशत आरक्षण पर सुनवाई की। जिसके बाद कोर्ट ने कहा कि यह मामला स्टेट बार काउंसिल के चुनाव और BCI की संरचना में महिलाओं की भागीदारी से जुड़े सवालों के साथ सामने आया है। CJI ने महिला वकीलों के विरोध और सुप्रीम कोर्ट ने BCI अधिकारों में कथित 'टेकओवर' को लेकर लगाए आरोप पर कहा कि इसे लेकर सवाल करना लाजमी है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट इस मामले में आगे की सुनवाई करेगा