फ्लाईदुबई कॉकपिट हमले पर बड़े सवाल, ओमानी को-पायलट को इजरायल जाने वाली फ्लाइट में कैसे मिली मंजूरी?
Flydubai Cockpit Attack: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में बुधवार को जो हुआ, उसने विमान में बैठे 174 लोगों को कुछ ही सेकंड में जिंदगी और मौत के बीच ला खड़ा किया। कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर उनके ओमानी को-पायलट ने कथित तौर पर हमला किया। इसके बाद विमान तेजी से नीचे जाने लगा और कुछ ही समय में करीब 14,000 फीट की ऊंचाई गंवा बैठा।
हालात उस वक्त और गंभीर हो गए जब कथित हमलावर ने विमान के कंट्रोल पर कब्जा करने की कोशिश की। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की। इसके बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने अंदर पहुंचकर आरोपी को काबू किया। विमान में मौजूद दो अन्य पायलटों ने स्थिति संभाली और फ्लाइट को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा।
सबसे बड़ा सवाल
घटना के बाद एक सवाल ने सबका ध्यान खींचा है। जिस को-पायलट पर हमला करने और विमान को संकट में डालने का आरोप है, वह ओमान का नागरिक बताया गया है। ओमान और इजरायल के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि उसे तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट के क्रू में शामिल किए जाने की प्रक्रिया क्या थी और इजरायल के लिए उड़ान भरने की मंजूरी कैसे मिली।
इजरायली मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अधिकारियों की जांच में यह पहलू भी देखा जा रहा है। हालांकि, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि क्रू असाइनमेंट या मंजूरी की प्रक्रिया में कोई नियमों का उल्लंघन हुआ था। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि फ्लाईदुबई के लिए कई ओमानी पायलट पहले भी इजरायल जाने वाली उड़ानों पर काम कर चुके हैं।
क्या धार्मिक कट्टरता हमले की वजह थी?
घटना के बाद आरोपी को-पायलट के व्यवहार को लेकर भी कई दावे सामने आए हैं। कुछ इजरायली मीडिया रिपोर्टों में एक साथी पायलट के हवाले से कहा गया कि आरोपी कथित तौर पर बहुत ज्यादा प्रार्थना करता था और महिलाओं से हाथ मिलाने से परहेज करता था। कुछ रिपोर्टों में उसे “धार्मिक चरमपंथी” के तौर पर भी वर्णित किया गया है। लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण बात है, अभी तक ऐसी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि उसके धार्मिक व्यवहार का इस हमले से सीधा संबंध था। फ्लाईदुबई ने भी मामले के मूल कारण को अज्ञात बताते हुए जल्दबाजी में अटकलें लगाने से बचने को कहा है।
आतंकी हमला था या कुछ और? जांच जारी
इजरायली अधिकारी इस घटना को संभावित आतंकी हमले के एंगल से भी देख रहे हैं। वहीं अन्य संभावनाओं की भी जांच की जा रही है। हमले के पीछे असल मकसद क्या था, यह अभी स्पष्ट नहीं है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि घटना की प्रकृति बेहद गंभीर थी और आरोपी से पूछताछ की जा रही है। वहीं, UAE, सऊदी अरब, इजरायल और अन्य संबंधित एजेंसियां मामले की अलग-अलग कड़ियों की जांच कर रही हैं।
30 सेकंड में 14 हजार फीट नीचे गया विमान
कॉकपिट में संघर्ष के दौरान विमान अचानक तेजी से नीचे आने लगा। रिपोर्टों के मुताबिक, फ्लाइट ने करीब 30 सेकंड में लगभग 14,000 फीट की ऊंचाई खो दी। विमान ने इमरजेंसी सिग्नल भी भेजे और कुछ समय के लिए हालात बेहद चिंताजनक हो गए। यात्रियों और क्रू के हस्तक्षेप के बाद स्थिति नियंत्रण में आई और विमान को तबुक में उतारा गया। इसके बाद यात्रियों को दूसरे विमान से इजरायल भेजा गया।
घायल कैप्टन स्मित मच्छर की हालत स्थिर
इस पूरे घटनाक्रम में कैप्टन स्मित मच्छर गंभीर रूप से घायल हुए। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक उनका सऊदी अरब के तबुक स्थित अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई गई है। भारतीय मिशन उनके परिवार के संपर्क में है और सऊदी अधिकारियों के साथ उनके स्वास्थ्य की जानकारी लगातार साझा कर रहा है।
गंभीर चोट के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने और यात्रियों को हस्तक्षेप का मौका देने के लिए स्मित मच्छर की दुनियाभर में तारीफ हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके साहस की सराहना की है।
फ्लाईदुबई ने इजरायल की उड़ानें रोकीं
घटना के बाद फ्लाईदुबई ने इजरायल आने-जाने वाली उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। एयरलाइन ने कहा है कि घटना के मूल कारण अभी स्पष्ट नहीं हैं और जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचना चाहिए। फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि कॉकपिट में हमला क्यों हुआ, आरोपी का वास्तविक मकसद क्या था और क्या यह पहले से रची गई साजिश थी। इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।