शिवा मर्डर केस : DCP विक्रांत वीर पर गिरी गाज, सरकार का अगला आदेश, श्रद्धा दुबे पर होगी कार्रवाई?
Shiva Sharma Murder Case : उत्तर प्रदेश में लखनऊ के चर्चित शिवा मर्डर केस श्रद्धा दुबे पर कार्रवाई होना अब तय माना जा रहा है। मामले में लापरवाही बरतने वाले DCP सेंट्रल जोन विक्रांत वीर को पद से हटाकर DGP मुख्यालय से अटैच किया गया है।इससे पहले हजरतगंज थाने के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को भी हटाया गया था।
क्योंकि शिवा मर्डर केस के बाद से सरकार की काफी फजीहत हो गई है। मामले की मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई के बाद अब श्रद्धा और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी कब होगी?
DCP विक्रांत वीर पर क्यों हुई कार्रवाई?
18-19 अक्टूबर को सामने आई मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, शिवा शर्मा मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी के बीच पुलिस विभाग ने कार्रवाई की। पहले इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को हटाया गया और फिर DCP विक्रांत वीर को उनके पद से हटाकर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। हालांकि, इन प्रशासनिक कार्रवाइयों को किसी अधिकारी की आपराधिक संलिप्तता का प्रमाण नहीं माना जा सकता। विभागीय स्तर पर चूक की जिम्मेदारी और जांच के निष्कर्ष अलग-अलग विषय हैं।
श्रद्धा दुबे पर 50 हजार का इनाम
शिवा शर्मा की मौत के मामले में श्रद्धा दुबे, उनकी बहन रश्मि दुबे और तनवीर अली उर्फ दानिश की तलाश जारी है। पुलिस ने श्रद्धा के बारे में सूचना देने पर घोषित इनाम की राशि बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी है।
रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और नेपाल सीमा से जुड़े सुरागों पर भी काम किया जा रहा है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी हासिल किए हैं।
श्रद्धा दुबे ने पूर्व में क्या कहा?
श्रद्धा दुबे ने पूर्व में सार्वजनिक रूप से सामने आकर अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है। उनका दावा है कि शिवा की मौत आत्महत्या के कारण हुई।
उन्होंने जांचकर्ताओं से CCTV फुटेज देखने की अपील की है। यह श्रद्धा का पक्ष है, जिसकी पुष्टि जांच में उपलब्ध साक्ष्यों से होनी बाकी है।
अब आगे क्या?
जांच की दिशा और पुलिस की कार्रवाई पर सबकी नजरें हैं। पुलिस के सामने 3 प्रमुख चुनौतियां हैं:
फरार आरोपियों का पता लगाकर उन्हें कानून के मुताबिक गिरफ्तार करना।
CCTV फुटेज, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों से घटना का वास्तविक क्रम स्पष्ट करना।
शुरुआती जांच में किसी भी संभावित लापरवाही की निष्पक्ष समीक्षा करना।
क्या है पूरा मामला?
लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की 9 अक्टूबर को हजरतगंज इलाके के अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने पर मौत हो गई थी। शुरुआती जांच में इसे हादसा माना गया था।
लेकिन शिवा के परिवार ने उनकी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा दुबे और उसके साथियों पर मारपीट और हत्या का आरोप लगाया। परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया। पोस्टमॉर्टम हुआ जिसमें मौत से पहले गंभीर चोटों का जिक्र हुआ।
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस ने श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और तनवीर अली उर्फ दानिश समेत आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। 3 आरोपियों पर पहले 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।श्रद्धा दुबे ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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