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इरफान अंसारी के मुंह से बगावत की बू आ रही है... शाहनवाज हुसैन ने बयान का किया पलटवार

MADHVI TANWAR · 6 नवम्बर 2026
shahnawaz hussain

Jharkhand News: उत्तर प्रदेश में चुनावी सरगरमी तेज हो चुकी है। ऐसे में सभी पार्टियां एक दूसरे के खिलाफ जमकर बयानबाजी भी करती दिखाई दे रही है। इसी बीच बीते दिन झारखंड सरकार के मंत्री और कांग्रेस नेता इरफान अंसारी के दिल्ली में पढ़ाई करने वाले 40 लाख युवाओं को लेकर दिए गए एक बयान पर भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन समेत कई नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

सरकार को हटाने का षडयंत्र

भाजपा नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने इरफान अंसारी के बयान का पलटवार किया है। शहनवाज ने कहा है कि, इरफान अंसारी जो कांग्रेस के नेता हैं, वो राहुल गांधी के चहेते हैं। उन्होंने बगावत का ऐलान किया है। यह देश के खिलाफ बगावत है। यह कहना कि 40 लाख युवा तैयार हैं और शासन बदला जाना चाहिए। चुनी हुई सरकार को हटाने का षडयंत्र रच रहे हैं। यह कोई मामूली बयान नहीं है। इसका संज्ञान लेना चाहिए और उन पर मुकदमा होना चाहिए। इस तरह की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती कि जनता की चुनी हुई सरकार और जनता के लोकप्रिय प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह बगावत का ऐलान करें। इरफान अंसारी के मुंह से बगावत की बू आ रही है। यह बहुत खराब बयान है और इस पर कार्रवाई होनी चाहिए।

क्या था बयान

इरफान अंसारी ने दावा किया था कि दिल्ली में पढ़ाई करने वाले 40 लाख छात्र और युवा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के एक इशारे का इंतजार कर रहे हैं और उनके सामने आने पर स्थिति नेपाल और बांग्लादेश जैसी हो सकती है। इस बयान के बाद झारखंड और राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक घमासान मच गया है।

बगावत का आह्वान करने की छूट नहीं

भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने इरफान अंसारी के बयान को बेहद गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि यह कोई मामूली बयान नहीं है और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए क्योंकि किसी को भी लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार के खिलाफ बगावत का आह्वान करने की छूट नहीं दी जानी चाहिए। भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने उन्हें तुरंत मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की है, जबकि बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने इस बयान को 'देश विरोधी और जहरीला' करार दिया है।

इरफान अंसारी ने क्या दिया था बयान?

दरअसल, इरफान अंसारी ने दावा किया था कि देश में युवा, किसान, मजदूर, मध्यम वर्ग, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों में सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने कहा था कि करीब 40 लाख युवा राहुल गांधी के एक इशारे का इंतजार कर रहे हैं। अंसारी ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हालात पर ध्यान नहीं दिया तो भारत की स्थिति बांग्लादेश और नेपाल से भी खराब हो सकती है।

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