हूती विद्रोहियों ने बनाया विनाशकारी हथियार, Saudi Arabia ने इस देश पर लगाया गंभीर आरोप, जानें सबकुछ
Saudi Arabia: यमन के हूती विद्रोही लगातार सऊदी अरब के एयरपोर्ट और अन्य जगहों पर ताबड़तोड़ हमले कर रहे है। भारत समेत दुनिया के कई देशों ने इसकी कड़ी निंदा की है। अब विद्रोहियों को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जो सऊदी की नींद उड़ा सकती है।
दरअसल हूती विद्रोही मध्यम दूरी तक मार करने वाली उन्नत बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली विकसित करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए ऐसे कलपुर्जे और तकनीकी उपकरण जुटाए गए हैं, जिनका इस्तेमाल ईरान की खैबर शिकन मिसाइल जैसी प्रणाली तैयार करने में किया जा सकता है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
हूती विद्रोही बना रहे है विनाशकारी हथियार
खबरों के मुताबिक हूती विद्रोही ईरान के खैबर शेकन डिज़ाइन पर आधारित एक लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल विकसित कर रहे हैं, जिसमें इस्तेमाल होने वाले कुछ पुर्जे एक चीनी निर्माता से जुड़े हैं। लगभग 1900 किलोमीटर की संभावित मारक क्षमता वाली यह मिसाइल पूरे इज़राइल और सऊदी अरब सहित इस क्षेत्र के एक बड़े हिस्से को अपनी जद में ला सकती है।
इस घटनाक्रम से मिसाइल तकनीक के प्रसार, इसमें विदेशी पुर्जों की भूमिका और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच हूथियों से पैदा होने वाले बढ़ते खतरों को लेकर नई चिंताएं खड़ी हो गई हैं। माना जा रहा है कि हूती को चीन और ईरान की मदद मिल रही है।
सऊदी अरब और इजरायल की बढ़ सकती है चिंता
गौरतलब है कि अगर हूती विद्रोही लंबी दूरी तक हमला करने वाली मिसाइल बनाने और उसका सफल इस्तेमाल करने में सक्षम हो जाते हैं, तो क्षेत्रीय सुरक्षा के समीकरण बदल सकते हैं। ऐसी मिसाइलें सैन्य ठिकानों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के लिए खतरा पैदा कर सकती हैं। हाल के दिनों में सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमलों ने तनाव को और बढ़ाया है।
11 अक्टूबर 2026 को रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले में लोगों की मौत और सैकड़ों लोगों के घायल होने की खबर सामने आई थी। अगर स्थिति ज्यादा दिन तक ऐसे ही रहती है तो इससे सऊदी अरब की चिंता बढ़ सकती है।