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देवरिया की सलेमपुर सीट पर 2027 का मुकाबला कैसा होगा? जनता ने बता दिया अपना मूड; ग्राउंड रिपोर्ट में जानिए हाल

Shivashakti Narayan Singh · 15 अक्टूबर 2026
देवरिया की सलेमपुर सीट पर 2027 का मुकाबला कैसा होगा

UP Election 2027: देवरिया की सलेमपुर विधानसभा सीट पर चुनावी चर्चा तेज होने लगी है। कहीं सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की तारीफ हो रही है, तो कहीं बेरोजगारी, पेपर लीक, सड़क, बिजली, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर नाराजगी है। TNP News की ग्राउंड रिपोर्ट में जानिए सलेमपुर की जनता के मुद्दे और 2027 के चुनाव को लेकर लोगों की राय।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले देवरिया जिले की सलेमपुर विधानसभा सीट पर सियासी सरगर्मी बढ़ने लगी है। भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक मुकाबले की चर्चा के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस बार जनता किस मुद्दे को प्राथमिकता देगी। TNP News की टीम ने सलेमपुर पहुंचकर लोगों से बातचीत की और यह जानने की कोशिश की कि वे मौजूदा सरकार के कामकाज को किस नजर से देखते हैं। बातचीत में सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं, तो कई लोगों ने रोजमर्रा की परेशानियों को लेकर सवाल उठाए।

सलेमपुर की जनता के लिए क्या हैं सबसे बड़े मुद्दे?

ग्राउंड रिपोर्ट में महिला सुरक्षा, राशन व्यवस्था, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं पर चर्चा हुई। कुछ लोगों ने सरकारी योजनाओं और कामकाज की तारीफ की, जबकि अन्य ने सुविधाओं में और सुधार की जरूरत बताई। लोगों की चिंताओं में रोजगार, पेपर लीक, खराब सड़कें और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति भी शामिल रही। ये मुद्दे बताते हैं कि चुनावी चर्चा सिर्फ राजनीतिक दलों के दावों तक सीमित नहीं है। जनता अपने क्षेत्र में सुविधाओं और समस्याओं के समाधान को भी अहमियत दे रही है।

BJP के कामकाज से संतुष्ट हैं लोग या बदलाव चाहते हैं?

सलेमपुर में भाजपा सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों को लेकर समर्थन की आवाजें सुनाई दीं। वहीं, कुछ लोगों ने बुनियादी सुविधाओं और रोजगार जैसे सवालों पर असंतोष भी जताया। ऐसे में 2027 के चुनाव से पहले यह देखना अहम होगा कि सरकार के कामकाज को लेकर लोगों की राय किस दिशा में जाती है। क्या योजनाओं का लाभ लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप पहुंचा है? क्या स्थानीय समस्याओं का समाधान हुआ है? इन सवालों के जवाब चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकते हैं।

समाजवादी पार्टी के लिए कहां बन सकता है मुद्दा?

विपक्षी दल समाजवादी पार्टी विकास और जनता से जुड़े सवालों को लेकर सरकार को घेर सकती है। बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं जैसे मुद्दे विपक्ष के लिए राजनीतिक बहस का हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि, केवल इन मुद्दों की मौजूदगी से चुनाव का नतीजा तय नहीं होता। यह भी देखना होगा कि अलग-अलग क्षेत्रों और मतदाताओं के बीच इन समस्याओं को लेकर क्या राय बनती है और राजनीतिक दल उनके समाधान के लिए क्या प्रस्ताव रखते हैं।

2022 में BJP ने दर्ज की थी जीत

सलेमपुर अनुसूचित जाति (SC) आरक्षित विधानसभा सीट पर 2022 के चुनाव में भाजपा की विजय लक्ष्मी गौतम ने जीत हासिल की थी। उन्हें 82,047 वोट मिले थे। उस चुनाव में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के मनबोध प्रसाद 65,439 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे। उस समय सुभासपा समाजवादी पार्टी के गठबंधन में शामिल थी। विजय लक्ष्मी गौतम ने 16,608 वोटों के अंतर से चुनाव जीता था। बहुजन समाज पार्टी के राजेश भारती 20,657 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे। 2022 के नतीजे इस सीट पर पिछले चुनाव की राजनीतिक तस्वीर बताते हैं, लेकिन 2027 में मतदाताओं का फैसला किन मुद्दों पर होगा, यह अभी तय नहीं है।

2027 में जनता किस आधार पर करेगी फैसला?

सलेमपुर में चुनाव से पहले रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली-पानी और सरकारी योजनाओं का लाभ जैसे मुद्दे चर्चा में हैं। मतदाता मौजूदा विधायक के कामकाज को किस तरह देखते हैं और उनकी अपेक्षाएं क्या हैं, यह चुनावी समीकरण समझने के लिए अहम होगा। क्या भाजपा अपने कामकाज और योजनाओं के आधार पर समर्थन बनाए रख पाएगी? क्या सपा स्थानीय समस्याओं को बड़ा चुनावी मुद्दा बना सकेगी? या जनता के लिए कोई दूसरा मुद्दा ज्यादा महत्वपूर्ण होगा?