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लाल किले के पास कार ब्लास्ट का ‘मास्टरमाइंड’ कौन? NIA चार्जशीट में Umer Un Nabi का पूरा नेटवर्क बेनकाब

Shailesh Yadav · 9 सितम्बर 2026
Red Fort Blast Case (ANI)

Red Fort Blast Case: नवंबर 2025 में लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। एजेंसी ने उमर उन नबी उर्फ पिंडा और राहुल भट्ट को कथित तौर पर इस आतंकी साजिश का मास्टरमाइंड और Ansar Ghazwat-ul-Hind के पुनर्जीवित मॉड्यूल का ऑपरेशनल इंचार्ज बताया है। नबी की 10 नवंबर 2025 को हुए धमाके में ही मौत हो गई थी।

NIA के मुताबिक, उमर उन नबी वर्ष 2022 की शुरुआत से ही कथित तौर पर निष्क्रिय पड़े AGuH मॉड्यूल को दोबारा खड़ा करने और आतंकवादी गतिविधियों के लिए लोगों को कट्टरपंथी बनाने में जुटा था। जांच एजेंसी ने इसे भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा से जुड़े संगठन के पुनर्जीवित स्वरूप के तौर पर जांच में पेश किया है।

युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने का आरोप
चार्जशीट के अनुसार, नबी कथित तौर पर युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित करता था और ‘शहादत’ का महिमामंडन करता था। वह गुप्त बैठकों का आयोजन, आतंकी प्रशिक्षण की व्यवस्था और मॉड्यूल के लिए जरूरी लॉजिस्टिक्स जुटाने में भी भूमिका निभाता था।

NIA ने यह भी आरोप लगाया है कि नबी अफगानिस्तान जाने और वहां ‘हिजरत’ करने की योजना बना रहा था। जांच के दौरान आरोपियों के पास से ऐसी कट्टरपंथी सामग्री मिलने का दावा किया गया है, जिसमें जिहाद और सशस्त्र संघर्ष को सही ठहराने वाली सामग्री शामिल थी।

सिग्नल पर होती थी बातचीत, गुप्त बैठकों में बनती थी साजिश
चार्जशीट में कहा गया है कि आरोपी सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए एक-दूसरे के संपर्क में थे। NIA का आरोप है कि नबी ने कथित तौर पर फंड जुटाने, अवैध हथियारों की व्यवस्था करने और मॉड्यूल से जुड़े लोगों व सामान के लिए ठिकाने उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाई।

जांच एजेंसी के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली-NCR में कथित तौर पर बैठकें हुईं, जहां सदस्यों को प्रशिक्षण देने और आतंकी गतिविधियों की तैयारी करने का काम किया गया।

धमाके में TATP और अमोनियम नाइट्रेट के निशान
NIA ने चार्जशीट में विस्फोटक तैयार करने की कथित तैयारियों का भी जिक्र किया है। जांच के दौरान बरामद रसायनों और लैब उपकरणों का फोरेंसिक परीक्षण किया गया। एजेंसी के अनुसार, पोस्ट-ब्लास्ट सामग्री में TATP और अमोनियम नाइट्रेट के निशान मिले।

NIA का दावा है कि 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास धमाका करने वाली कार को Vehicle-Borne Improvised Explosive Device में बदला गया था। जांच के मुताबिक, नबी और एक सह-आरोपी ने कथित तौर पर सेकेंड हैंड कार खरीदी थी।

कार में ही था नबी, धमाके में हुई मौत
NIA के अनुसार, धमाके के समय उमर उन नबी वाहन के अंदर मौजूद था। घटनास्थल से बरामद जैविक सामग्री की DNA जांच के जरिए उसकी पहचान की पुष्टि होने का दावा चार्जशीट में किया गया है। फोरेंसिक जांच में घटनास्थल से बरामद सामग्री पर विस्फोटक अवशेष भी मिले।

10 नवंबर 2025 को शाम करीब 6:50 बजे लाल किले के पास हुए धमाके में 11 लोगों की मौत और 29 लोग घायल हुए थे। धमाके से आसपास खड़े वाहनों और संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचा था।

नबी की मौत, इसलिए उसके खिलाफ कार्रवाई खत्म
NIA ने आरोप लगाया है कि लाल किले के पास हुआ धमाका एक बड़ी आतंकी साजिश का हिस्सा था, जिसमें कथित तौर पर AGuH मॉड्यूल को फिर से सक्रिय करना, युवाओं का कट्टरपंथीकरण और आतंकी हमले की तैयारी शामिल थी।

चूंकि उमर उन नबी की धमाके में मौत हो चुकी है, इसलिए उसके खिलाफ कार्यवाही अभियोजन की दृष्टि से समाप्त हो गई है। हालांकि, चार्जशीट में एजेंसी ने उसकी कथित भूमिका और पूरी साजिश का विस्तार से उल्लेख किया है।