‘सीनियर खिलाड़ियों को हटाया…’ अजीत अगरकर के हटते ही रविचंद्रन अश्विन ने फोड़ा बम, कार्यकाल पर कही ये बात
Ravichandran Ashwin on Ajit Agarkar: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से अजीत अगरकर की विदाई हो चुकी है। उम्मीद की जा रही थी कि वनडे वर्ल्ड कप 2027 तक अजीत अगरकर के कार्यकाल को बढ़ाया जा सकता है लेकिन आखिरी वक्त पर उन्होंने चीफ सेलेक्टर की कुर्सी छोड़ने का फैसला किया। अब उनका कार्यभार समाप्त होने के बाद टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक बड़ी प्रतिक्रिया दी है।
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर लिया था संन्यास
बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 में टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया दौरा करने गई थी। यहां पर अश्विन ने तीसरे टेस्ट (गाबा) के बाद अचानक संन्यास लेकर सभी को चौंका दिया था और कुछ दिनों के भीतर ही वह स्वदेश लौट आए थे।
अश्विन को पूरी पांच टेस्ट मैचों के लिए स्क्वाड में चुना गया था लेकिन उनको खेलने के पर्याप्त मौके नहीं मिले और इसी कारण उन्होंने बीच सीरीज रिटायरमेंट लेकर स्वदेश लौटने का फैसला किया था।
इस दौरान भी टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर ही थे। आपको बता दें कि, अश्विन के संन्यास का मुख्य कारण उनको प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिलना माना गया, क्योंकि टीम मैनेजमेंट उनसे पहले वाशिंगटन सुंदर को मौका देना चाहती थी।
अगरकर के जाने पर कही ये बात
पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज अजीत अगरकर को लेकर रविचंद्रन अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने उनके कार्यकाल में सीनियर खिलाड़ियों को बाहर करने का भी जिक्र किया है। अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर किया,
"यह तथ्यात्मक रूप से सही है कि चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर के ऊपर जिम्मेदारी थी और उन्हें कई बड़े निर्णय भी लेने पड़े। उन्हें कई वरिष्ठ प्लेयर्स को हटाना पड़ा, जो बिल्कुल भी आसान नहीं था। मैं भी उनमें से एक सीनियर खिलाड़ी था जिसे उनके कार्यकाल में हटाया गया।"
रोहित-विराट ने भी लिया था संन्यास
अजीत अगरकर के कार्यकाल के समय ही रोहित शर्मा और विराट कोहली ने अचानक टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। बॉर्डर-गावस्कर 2024-25 के समय रोहित ने टेस्ट क्रिकेट खेलने की इच्छा जताई थी लेकिन कुछ ही महीनों बाद उन्होंने टेस्ट फॉर्मेट छोड़ दिया।
इसके बाद विराट ने भी टेस्ट प्रारूप छोड़ दिया। इसके अलावा अगरकर ने इंग्लैंड में खेली गई हालिया वनडे सीरीज के समय रोहित तक संदेश पहुंचाया था कि वह उनको भविष्य में नहीं दे रही है, लेकिन लॉर्ड्स में शतक के बाद बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने आकर रोहित का बचाव किया और यह बात अगरकर को बिल्कुल भी पसंद नहीं आई थी। शायद यही कारण था कि अगरकर ने अपना कार्यकाल आगे बढ़ाने को नहीं कहा।
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