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यूपी चुनाव से पहले RLD में बगावत! रामाशीष राय ने छोड़ी पार्टी

Rajeev Singh · 7 अगस्त 2026
यूपी चुनाव से पहले RLD को बड़ा झटका, प्रदेश अध्यक्ष रामाशीष राय ने छोड़ी पार्टी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय लोक दल (RLD) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रामाशीष राय ने अपने पद के साथ-साथ RLD की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चौधरी जयंत सिंह को भेज दिया है। रामाशीष राय ने अपने फैसले के पीछे वैचारिक और नैतिक असहमति को प्रमुख वजह बताया है। इस्तीफे की जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए सार्वजनिक की। उनके इस कदम के बाद चुनावी तैयारियों में जुटे RLD के भीतर सियासी हलचल बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।

जेपी आंदोलन को बताया राजनीतिक प्रेरणा

रामाशीष राय ने अपने इस्तीफे में अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि वह लोकनायक जयप्रकाश नारायण के संपूर्ण क्रांति आंदोलन से प्रभावित होकर राजनीति में आए थे। उनके मुताबिक उस दौर में भ्रष्टाचार, महंगाई, बेरोजगारी और शासन व्यवस्था में जवाबदेही जैसे मुद्दे देश की राजनीति के केंद्र में थे। उन्होंने कहा कि व्यवस्था में व्यापक बदलाव और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का जो सपना उस आंदोलन के दौरान देखा गया था, वह अभी पूरी तरह साकार नहीं हो पाया है।

धनबल और जातीय राजनीति पर उठाए सवाल

RLD नेता ने मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र में आर्थिक रूप से ताकतवर लोगों का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। साथ ही जाति, उपजाति और धार्मिक पहचान के आधार पर समाज में बढ़ती दूरी को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने अपने पत्र में किसानों की आय और उनकी उपज के उचित मूल्य, युवाओं के रोजगार तथा शिक्षा और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों का उल्लेख किया। उनका कहना है कि इन क्षेत्रों में बढ़ती परेशानियां लोगों के बीच असंतोष को बढ़ा रही हैं।

रामाशीष राय ने सामाजिक एकता के लिए दिए गए 'जाति तोड़ो, समाज जोड़ो' के संदेश का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में सामाजिक विभाजन को बढ़ावा देने वाली राजनीति लोकतांत्रिक व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द के लिए नुकसानदेह है।

अटल बिहारी वाजपेयी के बयान का किया जिक्र

अपने इस्तीफे में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की उस चिंता का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने चुनावी राजनीति में बढ़ते धनबल को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया था। रामाशीष राय के मुताबिक आज राजनीति में विचारधारा और सिद्धांतों की जगह आर्थिक ताकत और परिवार आधारित राजनीति का असर बढ़ता नजर आ रहा है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर चुनौती बताया।

'लोकतंत्र खतरे में है' कहकर दिया इस्तीफा

रामाशीष राय ने संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में लोकतांत्रिक व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा जरूरी है। इन्हीं वैचारिक और नैतिक कारणों का हवाला देते हुए उन्होंने RLD के प्रदेश अध्यक्ष पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता, दोनों से इस्तीफा देने का फैसला किया। यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले उनका पार्टी छोड़ना RLD के लिए अहम राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।

Written By: Sushma Pandey