PM मोदी के काशी दौरे से पहले राजनाथ सिंह ने संकटमोचन-काल भैरव के दरबार में टेका माथा, लिया बाबा का आशीर्वाद
Rajnath Singh Temple Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित वाराणसी दौरे से एक दिन पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह काशी पहुंचे। शनिवार को उन्होंने संकटमोचन मंदिर और काल भैरव मंदिर में दर्शन-पूजन किया और आशीर्वाद लिया। प्रधानमंत्री मोदी रविवार, 25 अक्टूबर को वाराणसी और ओडिशा के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वाराणसी में नई गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्री का उद्घाटन और नमो घाट पर भारतीय वायुसेना का हवाई प्रदर्शन प्रमुख कार्यक्रमों में शामिल हैं।
संकटमोचन और काल भैरव मंदिर में टेका माथा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को वाराणसी के संकटमोचन मंदिर और काल भैरव मंदिर में पूजा-अर्चना की। उनका यह दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित कार्यक्रम से एक दिन पहले हुआ।
प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर वाराणसी में उनके निर्धारित कार्यक्रमों पर नजरें टिकी हैं। यात्रा के दौरान औद्योगिक गतिविधियों और भारतीय वायुसेना के प्रदर्शन से जुड़े कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।
वाराणसी में गारमेंट फैक्ट्री का उद्घाटन करेंगे पीएम मोदी
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार सुबह करीब 11 बजे वाराणसी में अरविंद लिमिटेड की नई गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्री का उद्घाटन करेंगे। इस परियोजना को स्थानीय स्तर पर औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों से जोड़कर देखा जा रहा है।
हालांकि, रोजगार से जुड़े वास्तविक लाभ परियोजना के संचालन और भर्ती संबंधी जानकारी पर निर्भर करेंगे।
नमो घाट पर दिखेगा भारतीय वायुसेना का हवाई प्रदर्शन
प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम में दोपहर करीब एक बजे नमो घाट पर एयर फोर्स डे एरियल डिस्प्ले-2026 भी शामिल है। प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। हवाई प्रदर्शन के दौरान भारतीय वायुसेना अपनी विमानन क्षमताओं का प्रदर्शन करेगी। गंगा किनारे आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम वाराणसी दौरे के प्रमुख आकर्षणों में से एक होगा।
भविष्य की चुनौतियों के लिए रहें तैयार
इससे पहले शुक्रवार को राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में आयोजित आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने सेना के वरिष्ठ अधिकारियों से भू-राजनीतिक और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर करीबी नजर रखने तथा भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। रक्षा मंत्री ने अगले 20 से 30 वर्षों को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक रणनीतिक दृष्टि विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि रणनीतियों में बदलती परिस्थितियों के अनुसार संशोधन करने की क्षमता होनी चाहिए, ताकि तत्काल और उभरती चुनौतियों का समय पर जवाब दिया जा सके।
ऑपरेशन सिंदूर का भी किया जिक्र
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, राजनाथ सिंह ने बदलती परिचालन परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने के लिए सशस्त्र बलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि नवाचार, बेहतर तालमेल, आपसी समन्वय और आधुनिक हथियारों ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता में योगदान दिया।
इस तरह रक्षा मंत्री का वाराणसी दौरा प्रधानमंत्री के आगामी कार्यक्रमों से पहले हुआ, जबकि सेना के कमांडरों के साथ उनकी बैठक में दीर्घकालिक रणनीति और बदलती सुरक्षा चुनौतियों की तैयारी पर जोर दिया गया।
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