राजनाथ सिंह ने सिक्किम में जवानों संग मनाई दिवाली, शहीदों को दी श्रद्धांजलि; बोले- देश हमेशा रहेगा उनके शौर्य का ऋणी
Gangtok News: देशभर में दिवाली का त्योहार खुशियों और रोशनी के साथ मनाया जा रहा है, लेकिन सरहद पर तैनात जवानों के लिए यह दिन भी देश की सुरक्षा के नाम है। इस खास मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सिक्किम के शेराथांग वॉर मेमोरियल पहुंचकर देश के अमर वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने जवानों के सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए कहा कि देश उनके शौर्य और साहस का हमेशा ऋणी रहेगा।
राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए लिखा कि शहीदों की याद में बने स्मारक केवल अतीत की याद नहीं दिलाते, बल्कि जीवित लोगों को राष्ट्रीय कर्तव्य और देशभक्ति की प्रेरणा भी देते हैं। ड्यूटी के दौरान जवानों का सर्वोच्च बलिदान देश की स्मृतियों में हमेशा अमर रहेगा।
सरहद के जवानों को बताया देश के असली दीये
रक्षा मंत्री ने दुर्गम सीमावर्ती इलाके में तैनात भारतीय सेना के जवानों से मुलाकात की और उनके साथ समय बिताया। उन्होंने जवानों के हौसले, अनुशासन और देश के प्रति समर्पण की जमकर सराहना की।
दिवाली के दीयों से जवानों की तुलना करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारे जवान खुद दीये की तरह हैं, जो खामोशी से अंधेरे से लड़ते हैं और देश के हर घर तक सुरक्षा की रोशनी पहुंचाते हैं। भीषण मौसम और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उनका पहरा, देशभक्ति और मनोबल हजारों दीपों से भी ज्यादा चमकता है।
जवानों के बीच दिवाली मनाना बताया गर्व की बात
राजनाथ सिंह ने कहा कि मातृभूमि के सच्चे रक्षकों के बीच दिवाली मनाना उनके लिए गहरे गर्व का विषय है। उन्होंने सीमा पर तैनात सभी बहादुर सैनिकों और उनके परिवारों को सुख-समृद्धि से भरी दिवाली की शुभकामनाएं दीं।
रक्षा मंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि सीमा पर जवानों की मुस्तैदी के कारण ही देशवासी अपने घरों में सुरक्षित रहकर त्योहार मना पाते हैं और चैन की नींद सोते हैं। उनका यह संदेश उन सैनिकों के प्रति देश की कृतज्ञता को दर्शाता है, जो अपने परिवार से दूर रहकर हर परिस्थिति में देश की रक्षा में जुटे रहते हैं।
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