'लाठी भीड़ को रोक सकती है, सवाल को नहीं', राहुल गांधी का केंद्र पर हमला
Rahul Gandhi CEC Protest: गांधी जयंती के मौके पर चुनाव आयोग के खिलाफ हुए प्रदर्शनों को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि बड़ी संख्या में युवा कथित 'वोट चोरी' के मुद्दे को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं।
राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रदर्शनकारी अपने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल कर रहे थे और उनकी मांग मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि लोकतंत्र को बचाने की मांग की जा रही है।राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया। उनके मुताबिक, प्रदर्शनकारियों का अपराध सिर्फ इतना था कि उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए।
महात्मा गांधी का जिक्र कर साधा निशाना
राहुल गांधी ने अपने बयान में महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने लोगों को सच बोलने और शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष करने की सीख दी थी।राहुल गांधी ने कहा कि लाठी किसी भीड़ को रोक सकती है, लेकिन सवाल को नहीं रोक सकती। उन्होंने आगे कहा कि ज्ञानेश कुमार को पद से जाना होगा और उनके मुताबिक जिस व्यवस्था ने उन्हें वहां पहुंचाया है, उसमें भी बदलाव होगा।ये बातें राहुल गांधी के राजनीतिक बयान और उनकी मांग के तौर पर सामने आई हैं।
दिल्ली में प्रदर्शन और हिरासत
गांधी जयंती के दिन दिल्ली के जंतर-मंतर के आसपास विभिन्न छात्र संगठनों और विपक्षी नेताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में SFI, DYFI, AISA समेत कई संगठनों से जुड़े लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।दिल्ली पुलिस ने पहले ही नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर रखे थे। इसके तहत बिना अनुमति सभा, जुलूस और प्रदर्शन पर रोक थी। प्रदर्शन के दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया गया।मुंबई के शिवाजी पार्क में भी CEC के खिलाफ प्रदर्शन हुआ। वहां Cockroach Janta Party (CJP) और अन्य संगठनों ने चुनाव प्रक्रिया और SIR को लेकर सवाल उठाए।
SIR को लेकर चुनाव आयोग पर उठे सवाल
दरअसल, यह पूरा विवाद चुनाव आयोग की Special Intensive Revision यानी SIR प्रक्रिया को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच सामने आया है।The Indian Express की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त Sukhbir Singh Sandhu और Vivek Joshi ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 मौकों पर SIR और मतदाता सूची से जुड़े कुछ फैसलों व प्रक्रियाओं पर आपत्तियां दर्ज कराई थीं। रिपोर्ट में Form 6, मतदाता नाम हटाने और चुनावी डेटा तक पहुंच जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया गया था।
आगे भी जारी रह सकता है विरोध
CEC के खिलाफ विपक्ष और विभिन्न संगठनों का अभियान गांधी जयंती के बाद भी जारी रहने की बात कही गई है। विपक्षी दलों की ओर से आगे भी कार्यक्रम आयोजित करने की योजना सामने आई है। इनमें 6 अक्टूबर का कार्यक्रम और 1 नवंबर को दिल्ली में बड़ी रैली की योजना शामिल है।