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तेल-गैस की सप्लाई पर मंडराया महा-संकट! Qatar की चेतावनी से दुनिया में खलबली, भारत पर क्या होगा असर?

Anurag Kumar Tripathi · 15 अक्टूबर 2026
Qatar

Qatar: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों पर हो रहे हमलों से कई तरह के सवाल उठना शुरू हो गए है। इसी बीच अब कतर अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने कतर के लोगों को सबसे बदतर परिस्थिति के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है। जिसके बाद सवाल उठने शुरू हो गए है कि क्या एक बार दुनिया में पेट्रोल और तेल की किल्लत होने जा रही है।

इसके अलावा इससे पहले भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक मंच से कहा था कि दुनिया में खाद्य संकट गहरा सकता है। यानि आने वाले कुछ महीनों भारत के लिए भी काफी चुनौतीपूर्ण हो सकते है। आईए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।

कतर ने दुनिया के देशों को चेताया

कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमाद अल थानी के कतर के लोगों को बदतर परिस्थिति के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है। कतर के अमीर ने देश की जनता और संस्थानों से आह्वान किया कि उन्हें मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और अनिश्चितता के बीच किसी भी बद से बदतर स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए।

अपने संबोधन में उन्होंने जोर देकर कहा कि इस चुनौतीपूर्ण समय में केवल सरकार या संस्थाओं की ही नहीं, बल्कि हर एक नागरिक की भी यह जिम्मेदारी है कि वे पूरी तरह से सतर्क रहें और अपनी भूमिका निभाएं। बता दें कि कतर दुनिया के कुल प्राकृतिक गैस यानी एलएनजी व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा संभालता है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने और रास लाफान ऊर्जा केंद्र को नुकसान पहुंचने के कारण कतर को ऊर्जा निर्यात में बड़ी रुकावटों का सामना करना पड़ा है।

तेल-गैस की सप्लाई क्यों है इतनी अहम?

तेल और प्राकृतिक गैस केवल गाड़ियों या घरों में इस्तेमाल होने वाले ईंधन नहीं हैं। इनका सीधा संबंध बिजली उत्पादन, परिवहन, उद्योग, खाद उत्पादन और कई अन्य आर्थिक गतिविधियों से है।

अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ती है, तो भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों का आयात बिल बढ़ सकता है। वहीं, LNG की सप्लाई महंगी होने से बिजली उत्पादन और गैस पर निर्भर उद्योगों की लागत पर दबाव पड़ सकता है। इसका असर वस्तुओं की कीमतों और महंगाई पर भी पड़ सकता है।

भारत पर क्या हो गया असर?

भारत दुनिया के सबसे ज्यादा आबादी वाला देश है, अगर तेल और गैस की किल्लत होती है, तो इससे सबसे ज्यादा असर भारत पर पड़ सकता है। अगर कतर से गैस की सप्लाई लंबे समय तक बाधित रहती है, तो भारत को दूसरे देशों से महंगी कीमत पर LNG खरीदनी पड़ सकती है। इसे मंगाने में भी काफी समय लगता है।

यानि अगर दिक्कत बढ़ती है, तो देशभर में महंगाई तेजी से बढ़ेगी और आम लोगों को काफी दिक्कतें हो सकती है। यह कहना गलत नहीं होगा कि आने वाले कुछ महीने काफी चुनौतीपूर्ण है।