संगरूर में दलित मजदूर की आत्महत्या पर सियासत तेज, मोहंजीत सिंह की कथित प्रताड़ना पर भी कार्रवाई की मांग
चंडीगढ़: अकाली दल वारिस पंजाब दे के विधायक मनप्रीत सिंह ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर निशाना साधते हुए संगरूर में दलित मजदूर गुलजार सिंह की आत्महत्या और नशा विरोधी कार्यकर्ता मोहंजीत सिंह से कथित हिरासत में प्रताड़ना के मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कार्यकर्ता की पुलिस हिरासत में प्रताड़ना
शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधायक ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को काले झंडे दिखाने के बाद मोहंजीत सिंह को पुलिस ने हिरासत में लिया और उनके साथ कथित तौर पर मारपीट और प्रताड़ना की गई। उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को दबाने की कोशिश की जा रही है।
मनप्रीत सिंह ने गुलजार सिंह का मामला उठाया
मनप्रीत सिंह ने गुलजार सिंह का मामला भी उठाया। उन्होंने बताया कि तुर बंजारा गांव निवासी गुलजार सिंह ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के गांव दौरे के दौरान पंजाब में नशे की समस्या का मुद्दा उठाया था। गुलजार ने कथित तौर पर बताया था कि उनका बेटा नशे की लत का शिकार हो गया और परिवार का काफी सामान बिक चुका है।
विधायक के मुताबिक, इसके बाद गुलजार सिंह पर स्थानीय नेताओं और पंचायत सदस्यों की ओर से कथित तौर पर दबाव बनाया गया और मंत्री से सवाल करने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा गया। बाद में गुलजार सिंह ने आत्महत्या कर ली।
गुलजार सिंह मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग
मनप्रीत सिंह ने सरकार से गुलजार सिंह के मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। वहीं, मोहंजीत सिंह से कथित हिरासत में प्रताड़ना के मामले में जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने और उन्हें बर्खास्त करने की मांग की।
विवाद बढ़ने के बाद पंजाब सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की है। DSP हरविंदर सिंह, जो संगरूर के सुनाम में DSP के पद पर तैनात थे, उनका तबादला कर दिया गया है। वहीं, तीन पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन संगरूर भेजा गया है।
गुलजार सिंह के परिवार ने भी न्याय की मांग की है और आरोप लगाया है कि उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया उनकी सहमति के बिना कराई गई।
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