माफिया के कब्जे वाली जमीन पर अब किताबों की दुनिया, प्रयागराज में प्रतियोगी छात्रों के लिए बनेगी डिजिटल लाइब्रेरी
Prayagraj Digital Library: प्रयागराज में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले हजारों छात्रों के लिए अच्छी खबर है। शहर के अल्लापुर इलाके में योगी सरकार ऐसी जमीन पर आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी बनाने की तैयारी है, जिसे कभी माफिया विजय मिश्रा से जुड़ी संपत्ति के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। प्रशासन की योजना आगे बढ़ी तो यहां एक साथ करीब 2 हजार छात्र पढ़ाई कर सकेंगे।
अल्लापुर का इलाका प्रयागराज में प्रतियोगी छात्रों के बीच खास पहचान रखता है। देश के अलग-अलग हिस्सों से छात्र यहां आकर UPSC, PCS, SSC, रेलवे और दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।इसी इलाके में करीब 450 वर्ग मीटर जमीन पर बहुमंजिला डिजिटल लाइब्रेरी बनाने की योजना है।मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इस जमीन पर पहले विजय मिश्रा का शॉपिंग कॉम्प्लेक्स था। साल 2020 में प्रयागराज विकास प्राधिकरण यानी PDA ने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए इस कॉम्प्लेक्स को ध्वस्त कर दिया था।इसके बाद जमीन के स्वामित्व को लेकर राजस्व विभाग की जांच में सामने आया कि जमीन मूल रूप से सरकारी नजूल संपत्ति थी। प्रशासन के मुताबिक इसे पहले लीज पर लिया गया था और बाद में फ्रीहोल्ड कराया गया। अब जमीन को दोबारा अपने कब्जे में लेने की कानूनी प्रक्रिया चल रही है।
चार मंजिलों पर होगी छात्रों के लिए पढ़ाई की व्यवस्था
प्रस्तावित लाइब्रेरी को सिर्फ एक सामान्य पढ़ने की जगह के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। इसे डिजिटल सुविधाओं से लैस करने की योजना है।प्रस्ताव के मुताबिक भवन की निचली मंजिल पर कुछ दुकानें बनाई जा सकती हैं। इनसे होने वाली आय का इस्तेमाल लाइब्रेरी के रखरखाव में किया जाएगा।इसके ऊपर की मंजिलों पर डिजिटल लाइब्रेरी की व्यवस्था होगी। योजना पूरी होने के बाद करीब 2 हजार छात्र एक साथ बैठकर पढ़ाई कर सकेंगे।प्रतियोगी छात्रों के लिए यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रयागराज में किराये के कमरों और निजी लाइब्रेरी का खर्च कई छात्रों के लिए बड़ी चुनौती बनता है।
अल्लापुर में रहते हैं हजारों प्रतियोगी छात्र
प्रयागराज लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों का बड़ा केंद्र रहा है। खासकर अल्लापुर और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं।अनुमान के मुताबिक इस इलाके में करीब 80 हजार से एक लाख तक प्रतियोगी छात्र रहकर अलग-अलग परीक्षाओं की तैयारी करते हैं
ऐसे में छात्रों के लिए सस्ती और अच्छी सुविधाओं वाली लाइब्रेरी की जरूरत लंबे समय से महसूस की जाती रही है।सरकार की योजना जमीन पर उतरती है तो छात्रों को एक ही जगह पर शांत माहौल, डिजिटल संसाधन और पढ़ाई के लिए पर्याप्त सीटें मिल सकेंगी।
पहले माफिया के नाम से चर्चा, अब छात्रों के काम आएगी जमीन
इस पूरी योजना का सबसे बड़ा संदेश शायद यही है कि जिस जमीन को लेकर कभी दबंगई और अवैध कब्जे की चर्चा होती थी, वहां अब पढ़ाई का माहौल तैयार करने की कोशिश हो रही है।सरकार इसे मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से जोड़कर आगे बढ़ाने की तैयारी में है। हालांकि जमीन के स्वामित्व से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही निर्माण की तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।अधिकारियों के मुताबिक राजस्व विभाग की ओर से जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जमीन का मामला सुलझने के बाद लाइब्रेरी निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
Written By: Shivashakti Narayan Singh