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पथरदेवा में BJP के खिलाफ जनता में नाराजगी? सपा ने किया सत्ता परिवर्तन का दावा, 2027 से पहले ग्राउंड रिपोर्ट में उठे बड़े सवाल

Shailesh Yadav · 19 अक्टूबर 2026
पथरदेवा में BJP के खिलाफ जनता में नाराजगी?

 

UP Vidhansabha Chunav 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी सरगर्मी तेज होने लगी है। TNP News की खास पेशकश '27 की सत्ता' में इस बार नजर देवरिया जिले की पथरदेवा विधानसभा सीट पर है। यहां जनता के बीच पहुंचकर चुनावी माहौल को समझने की कोशिश की गई। बातचीत के दौरान महिला सुरक्षा, भ्रष्टाचार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और विकास जैसे मुद्दे सामने आए। वहीं, राजनीतिक दलों के समर्थकों ने अपने-अपने दावे पेश करते हुए भाजपा सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए। ऐसे में सवाल है कि क्या पथरदेवा में 2027 के चुनाव से पहले बदलाव की जमीन तैयार हो रही है?

सपा समर्थक ने BJP पर लगाए आरोप
ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान समाजवादी पार्टी के एक समर्थक ने दावा किया कि क्षेत्र की जनता भाजपा सरकार से नाराज है और 2027 के चुनाव में भाजपा की विदाई तय है। उन्होंने सड़क, नाला और स्कूल जैसी बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में क्षेत्र में अपेक्षित विकास नहीं हुआ। सपा समर्थक ने कहा कि इस बार जनता, युवा, छात्र और महिलाएं भाजपा को सत्ता से बाहर करने का मन बना चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि 2027 में अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी। हालांकि, ये संबंधित समर्थक के राजनीतिक दावे हैं। चुनाव में जनता का वास्तविक रुख क्या होगा, यह आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा।

AAP ने शिक्षा और स्वास्थ्य को बनाया मुद्दा
आम आदमी पार्टी के नेता ने कहा कि उनकी पार्टी सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी मुद्दों पर राजनीति करती है। उन्होंने दिल्ली की राजनीति का जिक्र करते हुए भाजपा पर भी आरोप लगाए और कहा कि आगामी चुनाव में उनकी पार्टी शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को प्रमुख मुद्दा बनाएगी। नेता के मुताबिक, जनता को बेहतर स्कूल, अस्पताल और बुनियादी सुविधाएं मिलनी चाहिए। अब देखना होगा कि पथरदेवा में आम आदमी पार्टी इन मुद्दों के जरिए कितना राजनीतिक समर्थन जुटा पाती है।

चीनी मिल से लेकर भ्रष्टाचार तक, कांग्रेस ने सरकार को घेरा
कांग्रेस के एक नेता ने भी भाजपा सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए। उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए दावा किया कि लोगों को सरकारी दफ्तरों और थानों में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा उन्होंने महंगाई का मुद्दा उठाया और बेतालपुर चीनी मिल को चालू करने के वादे पर सवाल खड़े किए। कांग्रेस नेता के आरोपों के बीच स्थानीय विकास और रोजगार से जुड़े मुद्दे भी चर्चा में आए। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

महिला सुरक्षा, शिक्षा और भ्रष्टाचार पर जनता के सवाल
पथरदेवा में चुनावी चर्चा के दौरान महिला सुरक्षा, शिक्षा व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे प्रमुखता से सामने आए। लोगों की बातचीत से यह समझने की कोशिश की गई कि सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों को लेकर स्थानीय स्तर पर कैसी प्रतिक्रिया है। क्या महिलाएं सुरक्षा व्यवस्था से संतुष्ट हैं? क्या युवाओं को शिक्षा और रोजगार के पर्याप्त अवसर मिल रहे हैं? क्या गांवों में सड़क, नाली और दूसरी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति बेहतर हुई है? ये ऐसे सवाल हैं, जिनके जवाब 2027 के चुनाव में मतदाताओं के फैसले को प्रभावित कर सकते हैं।

2022 में सूर्य प्रताप शाही ने दर्ज की थी बड़ी जीत
पथरदेवा विधानसभा सीट पर 2022 के चुनाव में भाजपा के वरिष्ठ नेता सूर्य प्रताप शाही ने जीत दर्ज की थी। उन्हें 93,858 वोट मिले थे, जबकि समाजवादी पार्टी के ब्रह्माशंकर त्रिपाठी को 65,177 वोट हासिल हुए थे। दोनों उम्मीदवारों के बीच जीत का अंतर 28,681 वोट रहा था। बहुजन समाज पार्टी के परवेज आलम 33,667 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे। सूर्य प्रताप शाही उत्तर प्रदेश सरकार में कृषि मंत्री हैं और इस क्षेत्र की राजनीति में उनका महत्वपूर्ण स्थान रहा है। ऐसे में 2027 के चुनाव में भाजपा के सामने अपनी जीत दोहराने की चुनौती होगी, जबकि विपक्षी दल इस सीट पर अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश करेंगे।

2012 से 2022 तक कैसे बदला पथरदेवा का चुनावी मिजाज?
पथरदेवा विधानसभा सीट पर 2012 में समाजवादी पार्टी के शाकिर अली ने जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2017 में भाजपा के सूर्य प्रताप शाही ने वापसी करते हुए सपा उम्मीदवार को हराया। 2022 में भी उन्होंने अपनी जीत बरकरार रखी। पिछले चुनावों के नतीजे बताते हैं कि इस सीट पर भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच मुकाबला महत्वपूर्ण रहा है। हालांकि, आगामी चुनाव में स्थानीय मुद्दे, उम्मीदवार, संगठन की ताकत और मतदाताओं की प्राथमिकताएं नतीजे को प्रभावित कर सकती हैं।

2027 में किसका पलड़ा होगा भारी?
पथरदेवा में फिलहाल राजनीतिक दलों के दावे तेज होने लगे हैं। सपा समर्थक भाजपा की विदाई का दावा कर रहे हैं, आम आदमी पार्टी शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दों पर जोर दे रही है, जबकि कांग्रेस भ्रष्टाचार और महंगाई को लेकर सरकार पर निशाना साध रही है। लेकिन चुनावी दावों और वास्तविक जनमत में कितना अंतर है, इसका फैसला मतदान के समय ही होगा। भाजपा के लिए अपनी सीट बचाना चुनौती होगी, वहीं विपक्ष के सामने इन मुद्दों को वोट में बदलने की जिम्मेदारी रहेगी। TNP News की खास पेशकश '27 की सत्ता' में देखिए पथरदेवा विधानसभा की ग्राउंड रिपोर्ट। सुनिए जनता की आवाज, जानिए स्थानीय मुद्दे और समझिए कि 2027 के चुनाव से पहले देवरिया की इस सीट पर सियासी माहौल किस दिशा में बढ़ रहा है।

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