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पाकिस्तान के बलूचिस्तान में ड्रोन हमलों में 3 नागरिकों की मौत, 2 गंभीर रूप से घायल होने का दावा

Pradeep Singh · 21 अक्टूबर 2026
बलूचिस्तान में ड्रोन हमलों में 3 नागरिकों की मौत

बलूचिस्तान: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में अलग-अलग ड्रोन हमलों में तीन नागरिकों की मौत और दो लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है। स्थानीय सूत्रों के हवाले से द बलूचिस्तान पोस्ट ने यह जानकारी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, घटनाएं जियारत और केच जिलों में हुईं। हालांकि, इन घटनाओं और हताहतों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

जियारत में ड्रोन हमले में चरवाहे की मौत

रिपोर्ट के अनुसार, पहली घटना जियारत जिले के अंजारगी इलाके में हुई, जहां ड्रोन हमले में एक चरवाहे की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

स्थानीय निवासियों के मुताबिक, चरवाहे का शव पहाड़ी इलाके में फंसा हुआ था और स्थानीय प्रशासन की ओर से उसे निकालने के लिए कार्रवाई शुरू किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई थी।

केच में वाहन पर हमले में दो लोगों की मौत

दूसरी घटना केच जिले के दश्तुक सीमावर्ती इलाके में हुई। स्थानीय सूत्रों का आरोप है कि पाकिस्तानी सैन्य ड्रोन ने एक वाहन को निशाना बनाया, जिसमें दो नागरिकों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान शाह जान और समद जान के रूप में बताई गई है।

इन घटनाओं को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है। आरोप हैं कि बलूचिस्तान के विभिन्न इलाकों में ड्रोन और क्वाडकॉप्टर अभियानों के दौरान आम नागरिकों को नुकसान पहुंच रहा है।

पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी घटनाएं

रिपोर्ट के मुताबिक, इसी महीने मस्तुंग जिले के खडकोचा इलाके में संदिग्ध ड्रोन हमले में दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। वहीं, पंजगुर में हुए एक विस्फोट में दो बच्चों की मौत और तीन अन्य लोगों के घायल होने की खबर आई थी। स्थानीय सूत्रों ने आरोप लगाया था कि विस्फोट पाकिस्तानी सैन्य क्वाडकॉप्टर से जुड़े विस्फोटकों के कारण हुआ।

इसके अलावा, 24 सितंबर को केच जिले के बालिचा इलाके में हुए एक कथित हमले में चार युवकों की मौत और दो लोगों के घायल होने की खबर सामने आई थी। मृतकों के परिवारों ने दावा किया था कि युवक पिकनिक मनाने के लिए वहां गए थे। उन्होंने अधिकारियों की ओर से उन्हें संदिग्ध उग्रवादी बताए जाने पर भी आपत्ति जताई थी।

बलूचिस्तान में मानवाधिकारों को लेकर चिंताएं

पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्रों में जबरन गायब किए जाने और कथित गैर-न्यायिक हत्याओं को लेकर लंबे समय से चिंताएं जताई जाती रही हैं। एमनेस्टी इंटरनेशनल और ह्यूमन राइट्स वॉच जैसे मानवाधिकार संगठनों ने भी लापता कार्यकर्ताओं, छात्रों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं से जुड़े मामलों पर चिंता व्यक्त की है।

हालिया ड्रोन हमलों की खबरों ने संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में आम नागरिकों की सुरक्षा और सैन्य अभियानों के दौरान उन्हें नुकसान से बचाने के उपायों पर फिर से सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, ताजा घटनाओं के संबंध में स्वतंत्र जांच या आधिकारिक पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

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