Pakistan: पड़ोसी मुल्क की बदहाली ने छीन ली कई जिंदगियां, खाने के बाद अब बूंद-बूंद के लिए मोहताज हुई आवाम, जानें सबकुछ
Pakistan: कंगाल पाकिस्तान में भुखमरी के साथ-अब वहां की आवाम पानी के लिए भी तरसने को मजबूर है। आर्थिक संकट, महंगाई और बुनियादी सुविधाओं को लेकर उठते सवालों के बीच अब पीने के पानी की गुणवत्ता भी चिंता का विषय बन गई है। बड़बोला पाकिस्तान केवल बड़ी-बड़ी बाते ही कर सकता है।
जमीनी स्तर पर उसकी हालत इतनी खराब है कि आप सोच भी नहीं सकते है। 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामाबाद के बाहरी इलाकों की तीन बस्तियों में एक महीने के भीतर चार युवाओं की मौत ने पीने के पानी की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। अधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अगर इसकी पुष्टि हो जाती है जो पाकिस्तानी आवाम के लिए एक चिंता का विषय है।
Pakistan की बदहाली ने छीन ली कई जिंदगियां
जानकारी के मुताबिक इस्लामाबाद के बाहरी इलाकों की तीन बस्तियों में एक महीने के भीतर चार युवाओं की मौत ने पीने के पानी की सुरक्षा (Pakistan Water Crisis) को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ये मौतें सराय खरबोज़ा, ढोक अब्बासी और मोहल्ला उस्मानिया में हुई हैं। स्थानीय लोगों ने संघीय स्वास्थ्य मंत्री से दखल देने की अपील की है।
उन्होंने इन मौतों के कारणों का पता लगाने और यह जांचने के लिए एक पारदर्शी जांच की मांग की है कि क्या स्थानीय जल आपूर्ति से लोगों की सेहत को कोई खतरा है। कुछ मामलों में लिवर फेल होने की खबरों ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। हालांकि, मौतों के सटीक कारणों और दूषित पेयजल से इनके किसी संभावित संबंध की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है।
पड़ोसी मुल्क में गहरा भारी संकट
पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहा है। खाने पीने की चीजों के दाम आसमान छू रहे है। आलम यह है कि आटा खरीदने के लिए वहां का आवाम को सोचना पड़ रहा है। लोग सड़कों पर सोने के लिए मजबूर है, क्योंकि कम पैसों में सिर्फ खाना पीना ही निकल पा रहा है। वहीं अब मौतों ने कई तरह की चिंता को जन्म दे दिया है।
पाकिस्तान के सामने अब क्या है चुनौती?
Pakistan के इस्लामाबाद के बाहरी इलाकों में सामने आए इस मामले ने सुरक्षित पेयजल और स्वास्थ्य सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, इसे पूरे देश में साफ पानी खत्म होने या सभी मौतों का कारण दूषित पानी होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
फिलहाल सबसे जरूरी है कि मौतों की वास्तविक वजह सामने आए, पानी के नमूनों की जांच हो और यदि किसी तरह का स्वास्थ्य जोखिम पाया जाता है, तो उसे दूर करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं।
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