पुतिन के आगे गिड़गिड़ाया पाक! भारत के दोस्त को पटाने चला पाकिस्तान, क्या इंडिया के खिलाफ जाएगा रूस? समझे पूरा खेल
नई दिल्ली: पाकिस्तान एक बार फिर रूस के साथ अपने रिश्ते सुधारने में लग गया है। पिछले कई महीनों में रूस के राष्ट्रपति पुतिन और पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ को बातचीत करते हुए देखा गया है। दोनों की बढ़ती नजदीकियां कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या पाकिस्तान मॉस्को को अपने पाले में ला पाएगा?
दरअसल सबसे बड़ा पेच यह है कि भारत और रूस जिगरी दोस्त है, दूसरी तरफ पाक और इंडिया कट्टर दुश्मन है। अब सवाल उठना शुरू हो गया है कि क्या रूस पाकिस्तान के साथ उसी तरह खड़ा होगा, जिस तरह वह भारत के साथ अपने दशकों पुराने रिश्ते निभाता आया है? आईए समझते है कि क्या है पूरा खेल?
पुतिन के पीछे क्यों पड़ा रूस?
इस्लामाबाद लंबे समय से अपनी विदेश नीति में कई शक्तियों के साथ संबंध बढ़ाकर रणनीतिक विकल्प तैयार करने की कोशिश करता रहा है। चूंकि मिडिल ईस्ट में संकट लगातार गहराता जा रहा है, जिससे कच्चे तेल की आपूर्ति में काफी दिक्कतें आ रहा है।
आलम यह है कि पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे है। अगर रूस तेल देने के लिए तैयार हो जाता है तो इससे पाकिस्तान की थोड़ी दिक्कत कम हो सकती है। इसके साथ ही इस्लामाबाद रूस के साथ सुरक्षा, ऊर्जा, व्यापार और क्षेत्रीय मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर सकता है।
क्या पाकिस्तान की मदद करेगा रूस?
पाकिस्तान लगातार रूस को मनाने में लगा है। हालांकि यह नया नहीं है, पैसों के लिए पाकिस्तान किसी के आगे गिड़गिड़ा सकता है। पिछले कुछ महीनों में रूस और पाकिस्तान के बीच सुरक्षा सहयोग जरूर बढ़ा है। पिछले कुछ महीनों के अंदर दोनों देशों ने आतंकवाद और क्षेत्रीय सुरक्षा पर संयुक्त कार्य समूह की 12वीं बैठक की।
दोनों पक्षों ने आतंकवाद से मुकाबले और SCO तथा संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों पर सहयोग बढ़ाने की बात कही। इसके अलावा मई 2026 में रूस और पाकिस्तान के बीच रणनीतिक स्थिरता पर भी बैठक हुई, जिसमें अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, हथियार नियंत्रण, निरस्त्रीकरण और अप्रसार जैसे मुद्दों पर बातचीत हुई।
पाकिस्तान के करीब आया रूस तो भारत पर क्या होगा असर?
अगर रूस और पाकिस्तान के बीच आर्थिक और सुरक्षा सहयोग बढ़ता है तो भारत के लिए इसका पहला असर कूटनीतिक स्तर पर दिखाई दे सकता है। पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर रूस का अधिक समर्थन या सहयोग मिल सकता है। इसका असर क्षेत्रीय सुरक्षा पर हो सकता है।
रूस पाकिस्तान के साथ रक्षा तकनीक, सैन्य प्रशिक्षण या सुरक्षा सहयोग को बड़े स्तर पर बढ़ाता है, तो भारत के लिए मुश्किलें बढ़ सकती है। हालांकि यह इतना आसान नहीं होगा। क्योंकि रूस-भारत लंबे समये से जिगरी दोस्त है।
क्या रूस से दूर हो जाएगा भारत?
रूस और पाकिस्तान के बढ़ते रिश्तों को देखते हुए कई तरह के कयास लगाए जा रहे है। हालांकि अगर इसका दूसरा एंगल देखें तो यह इतना आसान नहीं होने वाला है क्योंकि पाकिस्तान की आदत पूरी दुनिया जानती है। जितनी बाद युद्ध हुआ है रूस खुलकर भारत के साथ आया है चाहे वह 1965 हो 1971 या 1999 पाकिस्तान के खिलाफ हर युद्ध में रूस ने भारत का साथ दिया है।
इसके इतर इंडिया बड़ी मात्रा में रूस के हथियार खरीदता है। साथ ही कई अन्य क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण डील है। रूस की तरफ से भारत को हर मंच पर समर्थन दिया जाता रहा है। यानि यह तो साफ है भारत जैसी दोस्ती निभाने में पाकिस्तान को कई जन्म लग जाएंगे।
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