अल्पसंख्यकों के खिलाफ Pakistan में बढ़ी चिंता, अपहरण, जबरन धर्म परिवर्तन और शादी बना सबसे बड़ा खतरा
Pakistan: अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए काम करने वाले एक संगठन 'नेशनल कमीशन फॉर जस्टिस एंड पीस' (NCJP) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों को हिंसा, भेदभाव और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है।
साथ ही, अल्पसंख्यक महिलाओं व लड़कियों के अपहरण, ज़बरन धर्म-परिवर्तन और ज़बरन शादी का ख़तरा भी बना रहा है। 'द वॉयस ऑफ़ पाकिस्तान माइनॉरिटी' (VOPM) ने NCJP की 2026 की मानवाधिकार रिपोर्ट का ज़िक्र किया।
रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा
रिपोर्ट के मुताबिक एक मामला 15 साल की हिंदू लड़की प्रेमी भील का था, जिसे कथित तौर पर दिसंबर में अगवा कर लिया गया, ज़बरदस्ती धर्म परिवर्तन कराया गया और शादी कर दी गई, जबकि स्थानीय पुलिस ने उसकी शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया।
अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ हिंसा के बढ़ते चलन पर गहरी चिंता ज़ाहिर करते हुए VOPM ने कहा कि ये कोई इक्का-दुक्का घटनाएं नहीं हैं, बल्कि एक ऐसे सिस्टम को दिखाती हैं जिसमें कमज़ोर नागरिकों को अक्सर कानून के तहत समान सुरक्षा नहीं मिलती।
पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ी हिंसा
गौरतलब है कि आजादी के दौरान पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की संख्या काफी अच्छी खासी थी, लेकिन संख्या घटती जा रही है। जानकारी के मुताबिक पाक में अल्पसंख्यकों की संख्या करीब 2 प्रतिशत के आसपास रह गई है। इसके अलावा लगातार वहां से ज़बरन धर्म-परिवर्तन और ज़बरन शादी की भी खबरें सामने आती रही है।
रिपोर्ट में खुलासा होने के बाद पाकिस्तान की सच्चाई पूरी दुनिया के सामने आ चुकी है। अल्पसंख्यकों के खिलाफ लगातार हो रही बर्बरता का ज़िक्र करते हुए, मानवाधिकार संस्था ने आगे कहा कि अफ़ज़ल मसीह की पिछले साल सितंबर में ईसाई तीर्थयात्रियों के साथ यात्रा करते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।