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11 हजार के जगह 1100, अखिलेश यादव पर ओम प्रकाश राजभर नें लगाया 'राखी घोटाला' का आरोप

Shivashakti Narayan Singh · 29 अगस्त 2026
अखिलेश यादव पर ओम प्रकाश राजभर नें लगाया 'राखी घोटाला' का आरोप

Akhilesh YadavRaksha Bandhan Controversy: उत्तर प्रदेश की सियासत में रक्षाबंधन कार्यक्रम को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के रक्षाबंधन कार्यक्रम में महिलाओं को 11-11 हजार रुपये देने का भरोसा देकर बुलाया गया, लेकिन कार्यक्रम में पहुंचने के बाद उन्हें सिर्फ 1100 रुपये का लिफाफा दिया गया।हालांकि, ये आरोप ओम प्रकाश राजभर की ओर से लगाए गए हैं। अखिलेश यादव या समाजवादी पार्टी की तरफ से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

राजभर ने सोशल मीडिया पर साधा निशाना

ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव पर हमला बोला।उन्होंने लिखा कि लोगों की स्थिति बदल सकती है, लेकिन आदतें नहीं बदलतीं। राजभर ने आरोप लगाया कि इस बार रक्षाबंधन जैसे त्योहार के मौके पर भी राजनीति की गई।उन्होंने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि अगर कुछ नहीं मिला तो अब 'राखी घोटाला' कर दिया गया।

11 हजार रुपये के नाम पर बुलाने का दावा

राजभर ने अपने पोस्ट में दावा किया कि अखिलेश यादव के कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं को 11-11 हजार रुपये देने की बात कहकर बुलाया गया था।उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में पहुंची महिलाओं को उम्मीद के मुताबिक राशि नहीं मिली और उन्हें केवल 1100 रुपये का लिफाफा देकर वापस भेज दिया गया।राजभर ने यह भी दावा किया कि इस पूरे मामले में अखिलेश यादव के करीबी लोगों ने गड़बड़ी की है।

'विभीषणों से जल्द छुटकारा पाएं'

ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को अपने करीबियों को लेकर सलाह भी दी।उन्होंने कहा कि पहले भी उन्होंने अखिलेश यादव को अपने 'विभीषणों' से सावधान रहने की सलाह दी थी और अब भी वही बात दोहरा रहे हैं।राजभर ने कहा कि अगर ऐसे लोगों से दूरी नहीं बनाई गई तो वे पार्टी को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

रक्षाबंधन कार्यक्रम पर सियासी घमासान

रक्षाबंधन के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को लेकर यूपी की राजनीति गरमा गई है। जहां समाजवादी पार्टी इसे महिलाओं के सम्मान और त्योहार से जुड़ा आयोजन बता रही है, वहीं विपक्षी नेता इसे लेकर सवाल उठा रहे हैं।ओम प्रकाश राजभर के आरोपों के बाद अब इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है।

अखिलेश जी,

एक कहावत है कि लोगों का स्टेटस भले बदल जाये लेकिन आदत नहीं बदल सकती। आप लोग सत्ता में रहें या न रहें, अपने खटकरमों से बाज नहीं आते।

इस बार कुछ नहीं मिला तो 'राखी घोटाला' करके बैठ गये? अरे कम से कम बहनों का मन और मान रख लिये होते! वैसे कंसवादियों से रक्षाबंधन जैसे…

— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) August 29, 2026