बार-बार सिरदर्द क्यों होता है? इन कारणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
अक्सर बार-बार होने वाली सिरदर्द को हम सामान्य समझकर हम छोड़ देते है, जो आगे चलकर बड़ी समस्या बन जाती है। वहीं हेल्थ एक्सपर्ट की माने तो सिर का दर्द कभी-कभी केवल एक साधारण शारीरिक परेशानी नहीं होता, बल्कि यह इस बात का संकेत होता है कि आपके शरीर के भीतर कुछ चीजें सही तरीके से काम नहीं कर रही हैं। लोग हमेशा सिरदर्द होने पर बिना सोचे-समझे पेनकिलर खरीदकर खा लेते हैं, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। क्योंकि बार-बार होने वाले सिरदर्द के पीछे के असली कारणों को समझना बेहद जरूरी है।
हार्मोन्स में अचानक बदलाव
हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो महिलाओं में हार्मोनल उतार-चढ़ाव सिरदर्द और माइग्रेन को प्रभावित कर सकते हैं। खास तौर पर एस्ट्रोजन के स्तर में बदलाव कुछ महिलाओं में सिरदर्द का ट्रिगर बन सकता है। पेरिमेनोपॉज और मेनोपॉज के आसपास हार्मोन के स्तर में होने वाले बदलावों के कारण पहले से मौजूद माइग्रेन की तीव्रता में परिवर्तन देखा जा सकता है। हालांकि, 40 की उम्र के बाद होने वाला हर सिरदर्द केवल हार्मोनल असंतुलन की वजह से हो, यह जरूरी नहीं है।
पानी की कमी और अधूरी नींद
वहीं पर्याप्त पानी न पीना सिरदर्द का एक सामान्य ट्रिगर हो सकता है। व्यस्त दिनचर्या में लोग अक्सर पानी पीने पर ध्यान नहीं देते, जिससे डिहाइड्रेशन की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा, लगातार कम सोना, नींद का बार-बार टूटना या अनियमित नींद भी सिरदर्द की समस्या को बढ़ा सकती है। इसलिए नियमित नींद और पर्याप्त तरल पदार्थ लेना सिरदर्द से बचाव के लिए महत्वपूर्ण आदतें हैं।
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लंबे समय तक भूखे रहना
समय पर भोजन न करना भी कुछ लोगों में सिरदर्द को ट्रिगर कर सकता है। लंबे समय तक खाली पेट रहने पर कमजोरी, चिड़चिड़ापन और सिरदर्द जैसी परेशानियां महसूस हो सकती हैं। हालांकि, हर सिरदर्द का कारण ब्लड शुगर का कम होना नहीं होता। खासकर डायबिटीज की दवा लेने वाले लोगों में बार-बार लो ब्लड शुगर होने पर चिकित्सकीय सलाह जरूरी है।
गर्दन और कंधों की अकड़न
लंबे समय तक कंप्यूटर या मोबाइल का इस्तेमाल करते समय गलत पोस्चर रखने से गर्दन, कंधों और जबड़े की मांसपेशियों में तनाव पैदा हो सकता है। मानसिक तनाव के साथ यह मांसपेशीय खिंचाव बढ़ सकता है और सिर में दबाव या दर्द महसूस हो सकता है। इसे अक्सर टेंशन-टाइप हेडेक से जोड़ा जाता है।
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर सिरदर्द बार-बार हो रहा है, लगातार बढ़ रहा है या रोजमर्रा के काम प्रभावित कर रहा है, तो इसके कारण की जांच के लिए डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। अचानक शुरू हुआ बेहद तेज सिरदर्द, सिरदर्द के साथ कमजोरी या बोलने में परेशानी, बेहोशी, तेज बुखार या गर्दन अकड़ने जैसे लक्षण हों तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
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