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नेपाल में आसमान से आफत! नदी उफनी, हाईवे पर लैंडस्लाइड, जगह-जगह फंसे वाहन

Shivashakti Narayan Singh · 26 सितम्बर 2026
नेपाल में बारिश का खतरा

Heavy Rain in Nepal: नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश ने राजधानी काठमांडू समेत कई इलाकों में हालात बिगाड़ दिए हैं। काठमांडू में बागमती नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में बाढ़ के खतरे को देखते हुए हाई अलर्ट जारी किया गया है।

भारी बारिश के कारण नेपाल की राजधानी को देश के दूसरे हिस्सों से जोड़ने वाली कई प्रमुख सड़कें भी प्रभावित हुई हैं। भूस्खलन के चलते पृथ्वी हाईवे और बीपी हाईवे समेत कई रास्तों पर यातायात बाधित हो गया है।

बागमती नदी का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर

लगातार बारिश के बाद बागमती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। नदी कई जगह अपने किनारों से बाहर बहने लगी है। इसके चलते नदी के आसपास के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले परिवारों से जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। जलस्तर लगातार बढ़ने की स्थिति में आसपास के रिहायशी इलाकों में पानी घुसने का खतरा बना हुआ है।

भूस्खलन से कई हाईवे बंद

भारी बारिश का असर नेपाल के सड़क नेटवर्क पर भी पड़ा है। काठमांडू को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले प्रमुख पृथ्वी हाईवे पर धादिंग के पास कई जगह भूस्खलन हुआ है।कृष्णभीर और तिग्रांग खोला समेत कुछ स्थानों पर सड़क पर मलबा आने से आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हुई है। सड़क बंद होने के कारण लंबी दूरी के यात्री वाहन और मालवाहक ट्रक रास्ते में फंसे हुए हैं।राहत और सड़क निर्माण दल मलबा हटाकर रास्ता खोलने की कोशिश कर रहे हैं।

बीपी हाईवे और कांति लोकपथ पर भी असर

बीपी हाईवे पर रोशी नदी के तेज बहाव से चौकीडांडा और घुमौने के अस्थायी डायवर्जन प्रभावित हुए हैं। कावरेपलांचोक में भूस्खलन के बाद प्रशासन ने रात के समय वाहनों की आवाजाही पर भी रोक लगाई है।इसके अलावा कांति लोकपथ पर ललितपुर की तरफ भूस्खलन के कारण यातायात बाधित हुआ है। इससे कई वाहन रास्ते में फंस गए हैं।

12 जिलों में बाढ़ का खतरा

नेपाल के जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग (DHM) ने कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कोशी, बागमती, गंडकी, लुंबिनी और कर्णाली प्रांतों में बारिश का असर देखने को मिल सकता है।बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए 12 जिलों को बाढ़ के लिहाज से संवेदनशील बताया गया है।

25 से 27 सितंबर तक लंबी यात्रा से बचने की सलाह

मौसम विभाग ने लोगों को 25 से 27 सितंबर के बीच लंबी दूरी की यात्रा से बचने की सलाह दी है। खासकर भूस्खलन और बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।हिमालयी क्षेत्रों में मौजूद पर्यटकों और ट्रैकिंग पर गए लोगों से भी मौसम की स्थिति को देखते हुए अपने कैंप छोड़कर सुरक्षित और निचले इलाकों में लौटने की अपील की गई है।फिलहाल राहत और बचाव टीमें प्रभावित इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं और कई जगहों पर सड़क से मलबा हटाने का काम जारी है।