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NEET UG 2026: MBBS, BDS और नर्सिंग दाखिले के लिए काउंसिलिंग का कार्यक्रम जारी, 4 अगस्त से शुरू होगा पंजीकरण

Rajeev Singh · 2 अगस्त 2026
NEET UG 2026

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG) 2026 के माध्यम से मेडिकल और संबद्ध पाठ्यक्रमों में दाखिले का इंतजार कर रहे लाखों छात्रों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। मेडिकल काउंसिल कमेटी (MCC) ने ऑल इंडिया कोटा (AIQ) सहित विभिन्न संस्थानों में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके तहत अभ्यर्थी 4 अगस्त 2026 से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। काउंसिलिंग प्रक्रिया के माध्यम से एमबीबीएस (MBBS), बीडीएस (BDS), बीएससी नर्सिंग (B.Sc Nursing), डीम्ड यूनिवर्सिटी, केंद्रीय विश्वविद्यालयों और अन्य पात्र संस्थानों की सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा।

एमसीसी द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार काउंसिलिंग की पूरी प्रक्रिया चार चरणों में आयोजित की जाएगी। प्रत्येक चरण में उम्मीदवारों को पंजीकरण, विकल्प भरने, सीट आवंटन, दस्तावेज सत्यापन और कॉलेज में रिपोर्टिंग जैसी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। जिन अभ्यर्थियों को पहले चरण में सीट नहीं मिलती या वे आवंटित सीट से संतुष्ट नहीं होते, उन्हें अगले चरणों में भाग लेने का अवसर भी मिलेगा। शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत 8 सितंबर 2026 से प्रस्तावित है। ऐसे में छात्रों को सलाह दी गई है कि वे निर्धारित समय-सीमा का विशेष ध्यान रखें और किसी भी प्रक्रिया को अंतिम समय तक टालने से बचें। काउंसिलिंग से जुड़ी सभी गतिविधियां तय कार्यक्रम के अनुसार ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जाएंगी।

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दाखिले के दौरान दस्तावेजों की जांच भी एक महत्वपूर्ण चरण होगा। इसलिए उम्मीदवारों को पहले से सभी जरूरी प्रमाण पत्र तैयार रखने की सलाह दी गई है। आवश्यक दस्तावेजों में नीट यूजी 2026 का स्कोरकार्ड, प्रवेश पत्र, कक्षा 10वीं और 12वीं की अंकतालिका एवं प्रमाण पत्र, वैध फोटो पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस शामिल हैं। इसके अलावा हाल ही में खिंचवाई गई पासपोर्ट आकार की फोटो, प्रोविजनल सीट अलॉटमेंट लेटर, आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र तथा दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी आवश्यक होंगे।

विशेषज्ञों का कहना है कि अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग शुरू होने से पहले अपनी सभी जानकारी और दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच कर लेनी चाहिए। किसी भी प्रकार की त्रुटि या दस्तावेज की कमी प्रवेश प्रक्रिया में परेशानी का कारण बन सकती है। इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे एमसीसी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, समय पर रजिस्ट्रेशन करें और सभी आवश्यक औपचारिकताएं निर्धारित अवधि के भीतर पूरी करें, ताकि मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हो सके।

Written by Rozi Sinha