दिल्ली की जगह अचानक जामनगर क्यों पहुंचे Marco Rubio? वजह कर देगी हैरान, पाकिस्तान में हलचल
Marco Rubio: दुनिया में आज कोई ऐसी छोटी या बड़ी समस्या नहीं है, जिसमे बगैर भारत के काम चले, वह चाहे सुलगता हुआ यूरोप हो या फिर खुद अमेरिका क्यों ना हो। दुनिया के जियो पॉलिटिक्स शतरंज में हर कोई अपनी-अपनी बाजी खेल रहा है, और एक बाजी भारत भी खेल रहा है। दरअसल अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो का 4 महीने में ये भारत का दूसरा दौरा है।
अब असली खेल समझिए, रुबियो दिल्ली के बजाय जामनगर पहुंच गए है। जिसके बाद कई तरह के सवाल उठने लगे है। आईए इन सभी सवालों से पर्दा उठाते है और आपके इसके पीछे की असली वजह बताते है।
दिल्ली की जगह अचानक जामनगर क्यों पहुंचे Marco Rubio?
दुनिया के बड़े नेता भारत दौरे पर सीधा दिल्ली पहुंचते है। लेकिन अमेरिका के विदेश मंत्री का दौरा थोड़ा अलग है। दिल्ली के बजाय वह जामनगर पहुंच चुके है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जामनगर जैसे छोटे शहर में रुबियो का क्या काम?
दरअसल जामनगर ही ऐसी जगह है जहां दुनिया का सबसे बड़ा ऑयल रिफाइनरी है। यह रिफाइनरी रोजाना लगभग 14 लाख बैरल कच्चा तेल प्रोसेस करता है। चूंकि वेनेजुएला पर कब्जे के बाद वहां पर स्थित तेल भंडार का इस्तेमाल यूएस द्वारा किया जा रहा है और अमेरिका के पास ऐसी कोई बड़ी रिफाइनरी नहीं है, जिससे वह कच्चे तेल को प्रोसेस कर सके, यही कारण है कि अब वह भारत की तरफ देख रहा है।
अमेरिका-भारत के बीच होगा बड़ी डील!
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रिलायंस इंडस्ट्रीज अमेरिका के टेक्सास में एक ऑइल रिफाइनरी में बड़ा निवेश करने की तैयारी में है, जो 50 साल में अमेरिका में बनने वाली पहली रिफाइनरी होगी। सबसे खास बात है कि अमेरिका से आने वाला तेल जामनगर के ऑयल रिफाइनरी में प्यूरिफाई कि किया जाएगा और वह डीजल भारत अमेरिका को भेजेगा। बता दें कि अमेरिका में अभी डीजल की कीमत 155 रुपये के आसपास है। यही कारण है कि अब अमेरिका भारत की मदद ले रहा है। अब भारत-अमेरिका डील पाकिस्तान जैसे पड़ोसी मुल्क की टेंशन बढ़ाने के लिए काफी है।
भारत पहुंचकर क्या बोले Marco Rubio?
'फ्रीडम 250' रिसेप्शन में, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत की तारीफ करते हुए कहा, "वहां मीडिया के लोग भी मौजूद थे। किसी ने मुझसे पूछा, 'आप सिर्फ 4 महीने बाद ही भारत वापस क्यों आ गए हैं?' मैंने जवाब दिया, पहली बात तो यह कि यह दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है। यह दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र भी है। और यह अमेरिका का एक बहुत मजबूत भू-राजनीतिक साझेदार है।
लेकिन मैंने अपनी बात इस तरह खत्म की कि मुझे लगता है, हम यहां पर्याप्त बार नहीं आते हैं। सच कहूं तो, हम यहां काफी कम आते हैं। और यह सिर्फ पार्टियों या समारोहों की बात नहीं है। क्योंकि अगर आप 21वीं सदी की कहानी और इतिहास के बारे में सोचें, तो वह इसी क्षेत्र में लिखा जा रहा है, और वह अभी इसी समय लिखा जा रहा है।"
पाकिस्तान में हलचल तेज
मिडिल ईस्ट में जारी टेंशन से कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा रूस और अन्य देश जो कच्चा तेल को रिफाइन करके पेट्रोल-डीजल के रूप में अन्य देशों को भेजते, उनकी भी स्थिति खराब होती जा रही है। यही स्थिति है कि अब अमेरिका भारत की तरफ देख रहा है। आने वाले कुछ महीनों में भारत तेल रिफाइन करके अन्य देशों को भेजेगा। चूंकि पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे है। यह कहना गलत नहीं होगा आने वाले समय में पड़ोसी मुल्क तेल की भारत पर निर्भर हो सकता है।
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