‘EVM हैक की गई, हमारे एजेंटों को पीटा गया’, ममता का CEC ज्ञानेश कुमार पर बड़ा आरोप
Mamata Banerjee: नई दिल्ली में गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के दौरान लोगों के अधिकारों को प्रभावित किया गया।
ममता ने दावा किया कि चुनाव के दौरान उनकी पार्टी के एजेंटों के साथ मारपीट की गई, उन्हें काउंटिंग सेंटर से बाहर कर दिया गया और CCTV कैमरों को भी ब्लॉक किया गया। उन्होंने मांग की कि पश्चिम बंगाल के हर विधानसभा क्षेत्र की मतदान और काउंटिंग से जुड़ी CCTV फुटेज सुरक्षित रखी जाए।
‘हम 53 हजार वोट से आगे थे, फिर काउंटिंग का कंट्रोल ले लिया’
ममता बनर्जी ने दावा किया कि एक समय उनकी पार्टी करीब 53 हजार वोट से आगे चल रही थी। उनके मुताबिक इसके बाद स्थिति बदल गई और पार्टी के एजेंटों को काउंटिंग सेंटर में प्रवेश करने से रोका गया।उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय सुरक्षा बलों ने गेट को रोक दिया और TMC के एजेंटों के साथ कथित तौर पर मारपीट कर उन्हें वहां से हटा दिया गया। ममता ने यह भी दावा किया कि CCTV कैमरों को ब्लॉक किया गया और EVM में छेड़छाड़ की गई।उनके मुताबिक दूसरे या तीसरे राउंड के बाद काउंटिंग की प्रक्रिया पर प्रभावी तौर पर दूसरे पक्ष का नियंत्रण हो गया था।
हर विधानसभा सीट की CCTV फुटेज सुरक्षित रखने की मांग
ममता बनर्जी ने कहा कि चुनाव से जुड़े CCTV फुटेज को सुरक्षित रखा जाना चाहिए ताकि पूरी प्रक्रिया की जांच की जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान CCTV कैमरों को ब्लॉक करने की कोशिश हुई।उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पहले भी चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी शिकायतें चुनाव आयोग के सामने रख चुकी है। ममता के अनुसार, पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने आयोग के कार्यालय जाकर अपनी बात रखी थी, लेकिन उन्हें वहां उचित व्यवहार नहीं मिला।
SIR को लेकर भी CEC पर निशाना
ममता ने पश्चिम बंगाल में चल रही Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया का असर उन लोगों पर पड़ा है जो मतदाता सूची में बने रहने के योग्य थे।CEC ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए ममता ने उनका नाम लेकर कहा कि लोगों के नागरिक और मतदान अधिकारों की रक्षा की जिम्मेदारी जिस व्यवस्था पर है, उसी ने लोगों के अधिकारों को प्रभावित किया।ममता ने कहा कि उनकी पार्टी ने SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट का भी रुख किया है। इससे पहले भी वह SIR के जरिए वैध मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगा चुकी हैं।
कोलकाता में EVM नष्ट होने की घटना का भी जिक्र
TMC प्रमुख ने जून में कोलकाता के अलीपुर इलाके में एक सरकारी इमारत में लगी आग का भी जिक्र किया। इस घटना में EVM मशीनें नष्ट होने की बात सामने आई थी और कोलकाता पुलिस ने मामले की जांच के लिए SIT गठित की थी।ममता ने इस घटना को लेकर भी सवाल उठाए और इसे चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताओं से जोड़ा। उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान बड़ी संख्या में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सुरक्षा व्यवस्था का इस्तेमाल चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए किया गया।
‘तूफान आने वाला है, जनता जवाब देगी’
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी ने चुनाव से पहले और चुनाव के दौरान कई शिकायतें उठाई थीं, लेकिन उन पर कार्रवाई नहीं हुई।उन्होंने कहा कि लोगों के साथ इस तरह का व्यवहार लोकतंत्र के लिए गंभीर सवाल खड़े करता है। ममता ने आगे कहा कि ‘तूफान आने वाला है और जनता इसका जवाब देगी।’ममता बनर्जी ने CEC को मिलने वाली कानूनी सुरक्षा पर भी सवाल उठाए और कहा कि अगर किसी अधिकारी पर अधिकारों को प्रभावित करने के आरोप लगते हैं तो जवाबदेही तय होनी चाहिए।