Mallikarjun Kharge: 'RSS की विचारधारा रहेगी, तो देश में शांति कैसे होगी?' पटना में खरगे के तीखे बयान से गरमाई सियासत
Patna News: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को पटना में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखा हमला बोला। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में खरगे ने कहा कि जब तक देश में RSS की विचारधारा बनी रहेगी, तब तक शांति नहीं हो सकती। उन्होंने सांप्रदायिकता, छुआछूत और संविधान के मूल्यों को लेकर भी सवाल उठाए।
RSS की विचारधारा पर खरगे ने क्या कहा?
पटना में सभा को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने RSS पर सांप्रदायिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संघ की स्थापना के समय से ही उसकी गतिविधियों को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
खरगे ने कहा, “जब तक इस देश में RSS की विचारधारा बनी रहेगी, तब तक शांति नहीं होगी।” उन्होंने अपने संबोधन में श्रीकृष्ण सिंह के विचारों का हवाला देते हुए कहा कि सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जानी चाहिए।
श्रीकृष्ण सिंह के बयान का किया जिक्र
कांग्रेस अध्यक्ष ने बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने हिंदू और मुस्लिम, दोनों तरह की सांप्रदायिकता को धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र और मानवीय मूल्यों के लिए चुनौती माना था।
खरगे ने उनके कथन का हवाला देते हुए कहा कि बिहार में सांप्रदायिक शांति बनाए रखने के लिए ऐसी ताकतों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए थे। उन्होंने कहा कि देश में शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा जरूरी है।
छुआछूत के मुद्दे पर भी उठाए सवाल
अपने संबोधन में खरगे ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में 8 अगस्त 2026 को सामने आए कथित शुद्धिकरण विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने छुआछूत की प्रथा की आलोचना करते हुए सवाल उठाया कि आजादी के दशकों बाद भी अगर ऐसी घटनाएं होती हैं, तो सामाजिक एकता कैसे कायम होगी।
बताया गया कि हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली के बाद एक दक्षिणपंथी समूह के सदस्यों ने कार्यक्रम स्थल पर शुद्धिकरण अनुष्ठान किया था। इस घटना को लेकर कांग्रेस नेताओं ने आपत्ति जताई और इसे छुआछूत से जोड़कर आलोचना की।
नीतीश कुमार के NDA में जाने पर भी साधा निशाना
खरगे ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता दल (यूनाइटेड) के प्रमुख नीतीश कुमार के राजनीतिक रुख पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने समाजवादी विचारधारा के साथ राजनीति शुरू की थी, लेकिन बाद में BJP और RSS के नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ चले गए।
खरगे ने आरोप लगाया कि जब कोई नेता अपनी विचारधारा छोड़ देता है, तो इससे उसके राजनीतिक मूल्यों पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने BJP और RSS से जुड़े लोगों पर भी छुआछूत और संविधान के विपरीत विचार रखने का आरोप लगाया।
सांप्रदायिकता और सामाजिक एकता पर गरमाई राजनीति
खरगे के इस बयान से सांप्रदायिकता, सामाजिक समानता और राजनीतिक विचारधारा को लेकर बहस तेज होने की संभावना है। अपने संबोधन में कांग्रेस अध्यक्ष ने RSS की विचारधारा की आलोचना करते हुए सामाजिक सद्भाव और संविधान के मूल्यों को प्राथमिकता देने की बात कही।
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