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दिल्ली में नकली दवाइयों के बड़े गिरोह का भंडाफोड़, 6 आरोपी गिरफ्तार

Rajeev Singh · 5 अप्रैल 2026
दिल्ली में नकली दवाइयों के खतरनाक कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने एक…

दिल्ली में नकली दवाइयों के खतरनाक कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान करीब 1.20 लाख नकली दवाइयों की गोलियां और कैप्सूल बरामद किए हैं, जो लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा बन सकते थे।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह फर्जी जीएसटी कंपनियों के जरिए करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार चला रहा था। अधिकारियों के अनुसार, 11 मार्च 2026 को शाहदरा के बिहारी कॉलोनी इलाके में छापा मारकर इस नेटवर्क का खुलासा किया गया। यहां से निखिल अरोड़ा उर्फ सन्नी को गिरफ्तार किया गया, जो भगीरथ पैलेस में 'बाबा श्याम मेडिकोज' नाम की दुकान संचालित करता था।

पुलिस ने बरामद की नकली दवाइयां

छापेमारी के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में नकली दवाइयां मिलीं। इनमें डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, इंफेक्शन और लीवर से जुड़ी बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कई नामी कंपनियों की दवाइयों की नकली कॉपी शामिल थीं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि ये दवाइयां बाजार में पहुंच जातीं, तो मरीजों की सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता था और जान का खतरा भी बढ़ जाता।

नकली बिल से टैक्स चोरी कर रहे थे आरोपी

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी फर्जी जीएसटी फर्म बनाकर नकली बिल तैयार करते थे। इस तरीके से वे अपने अवैध कारोबार को छिपाते थे और टैक्स चोरी करते थे। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने करीब 50 करोड़ रुपये के फर्जी बिल तैयार किए थे, जिससे उनके नेटवर्क की व्यापकता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

फर्जी कंपनियों के जरिए चलाया जा रहा था कारोबार

गिरफ्तार आरोपियों में निखिल अरोड़ा, शिवम त्यागी, मयंक अग्रवाल, मोहित शर्मा, शाहरुख और राहुल शामिल हैं। इनमें से कुछ आरोपी नकली दवाइयों की सप्लाई करते थे, जबकि अन्य फर्जी कंपनियों के जरिए पूरे नेटवर्क को संचालित करने में मदद करते थे।

मुजफ्फरनगर में चल रही थी अवैध दवा फैक्ट्री

पुलिस की आगे की कार्रवाई में मुजफ्फरनगर में चल रही एक अवैध दवा फैक्ट्री का भी भंडाफोड़ किया गया। यहां से करीब 2000 किलो कच्चा माल, दवा बनाने की मशीनें और पैकिंग सामग्री बरामद हुई है।पुलिस का कहना है कि यह गिरोह कई राज्यों में फैला हुआ था और इसकी जांच अभी जारी है। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।

 Write By: Geeta Sharma