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Maharashtra Farmers Relief: महाराष्ट्र के किसानों को दिवाली से पहले 5,000 की मदद, 1.25 करोड़ किसानों को मिलेगा फायदा

Shivashakti Narayan Singh · 14 अक्टूबर 2026
महाराष्ट्र के किसानों को दिवाली से पहले 5,000 की मदद

महाराष्ट्र सरकार ने सूखे से प्रभावित किसानों को दिवाली से पहले ₹5,000 की अग्रिम सहायता देने का फैसला किया है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, करीब 1 से 1.25 करोड़ किसानों को फायदा मिल सकता है। इस योजना पर लगभग ₹6,000 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। सरकार ने 305 तालुकों में सूखा घोषित किया है।

Maharashtra News: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सूखे से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए ₹5,000 की अग्रिम सहायता देने का ऐलान किया है। करीब 1 से 1.25 करोड़ किसानों के बैंक खातों में रकम भेजने की तैयारी है।

महाराष्ट्र में सूखे और फसल खराब होने से परेशान किसानों को दिवाली से पहले आर्थिक राहत देने की तैयारी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने किसानों को 5,000 की सहायता देने का फैसला किया है। सरकार के इस कदम से करीब 1 से 1.25 करोड़ किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है। महाराष्ट्र सरकार के सूत्रों ने बताया कि इस सहायता पर लगभग 6,000 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। सरकार का लक्ष्य है कि त्योहार से पहले किसानों के खातों में रकम पहुंच जाए, ताकि वे अपनी जरूरतें पूरी कर सकें।

305 तालुकों में सूखा घोषित, पहले से तेज हुई राहत की तैयारी

राज्य सरकार ने सूखे से प्रभावित इलाकों का दायरा बढ़ाते हुए अब 305 तालुकों में सूखा घोषित किया है। इससे पहले 265 तालुकों को सूखा प्रभावित माना गया था। महाराष्ट्र में कुल 358 तालुके हैं। मुख्यमंत्री फडणवीस ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि सरकार ने पुराने रिकॉर्ड की जांच की है। आमतौर पर सूखे के बाद किसानों को सहायता देने की प्रक्रिया दिसंबर में होती थी, लेकिन इस बार राहत का फैसला पहले किया गया है। सरकार का कहना है कि सूखे और फसल के नुकसान के कारण किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। ऐसे में दिवाली से पहले सहायता पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

5,000 की अग्रिम मदद से कितने किसानों को फायदा?

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस बार करीब 1 से 1.25 करोड़ किसानों को ₹5,000 की अग्रिम सहायता दिए जाने की उम्मीद है। अनुमान के मुताबिक, इस योजना पर लगभग 6,000 करोड़ खर्च हो सकते हैं। सूत्रों ने दावा किया है कि महाराष्ट्र में पहली बार सूखा प्रभावित किसानों को इस तरह अग्रिम सहायता दी जा रही है। पहले अंतिम सहायता की न्यूनतम राशि ₹1,000 बताई गई थी, जबकि अब न्यूनतम मदद 5,000 करने की बात कही गई है।

आचार संहिता के बीच राहत कार्यों पर क्या बोले फडणवीस?

बैठकों के दौरान कुछ मंत्रियों ने शिकायत की थी कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण चुनाव आयोग से अनुमति नहीं मिल रही है और अधिकारी बैठकों में शामिल नहीं हो रहे हैं। इस पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने कथित तौर पर नाराजगी जताई। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने कहा कि यदि कोई अधिकारी सूखे से जुड़ी बैठक में आचार संहिता का हवाला देकर शामिल नहीं हो रहा है, तो उसके नाम बताए जाएं और उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फडणवीस ने कथित तौर पर यह भी कहा कि सूखा राहत से जुड़े कामों के लिए प्रक्रिया के नाम पर देरी नहीं होनी चाहिए। हालांकि, आचार संहिता के दौरान राहत उपायों पर कौन-सी अनुमति जरूरी है, यह संबंधित चुनाव आयोग के निर्देशों और लागू नियमों के आधार पर ही तय होगा।

दिवाली से पहले खातों में पैसा पहुंचाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार किसानों के लिए दिवाली मुश्किल हो सकती है। फसल के नुकसान और आर्थिक परेशानी को देखते हुए सरकार ने त्योहार से पहले 5,000 की सहायता देने का फैसला किया है। फडणवीस के मुताबिक, किसानों के खातों में कर्जमाफी की राशि भी जमा की जा रही है। सरकार की कोशिश है कि सूखे से प्रभावित परिवारों को समय पर आर्थिक मदद मिल सके और त्योहार के खर्चों को पूरा करने में कुछ राहत मिले। अब किसानों की नजर इस बात पर है कि सहायता राशि कब तक खातों में पहुंचेगी और किन शर्तों के तहत इसका लाभ मिलेगा।