मद्रास हाई कोर्ट AIADMK के 6 विधायकों के इस्तीफे पर आज सुनाएगा फैसला, किसने दायर की थी याचिका?
चेन्नई : मद्रास हाईकोर्ट आज यानी मंगलवार को AIADMK के 6 विधायकों के इस्तीफे को स्वीकारने करने वाली विधानसभा स्पीकर के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर आज अपना फैसला सुनाएगा। इन 6 विधायकों में मरागथम कुमारवेल, सत्यबामा , इसाक्की सुब्बैया, जयकुमार, एमआर विजयभास्कर और सी विजयभास्कर का नाम शामिल है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि विधायकों के खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही लंबित होने के बावजूद उचित जांच के बिना इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए।
आखिर क्या है पूरा मामला
AIADMK के व्हिप ने विधानसभा स्पीकर के फैसले को चुनौती दी थी। मामले में पार्टी व्हिप का उल्लंघन करते हुए TVK सरकार के समर्थन में वोट करने वाले 6 बागी विधायकों के इस्तीफे को मंजूरी दी गई थी। इन 6 विधायकों में मरगाथम कुमारवेल, पी.सत्यभामा, इसाक्की सुब्बैया, जयकुमार, एम.आर. विजयभास्कर और सी. विजयभास्कर का नाम शामिल है। इन 6 विधायकों ने पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया था। इसके साथ ही तमिलगा वेट्ट्री कज़गम सरकार के पक्ष में अपना मतदान किया था।
किसने दायर की थी याचिका
इससे पहले, विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने AIADMK के 6 विधायकों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया था। इसी को ध्यान में रखते हुए AIADMK के व्हिप एग्री कृष्णमूर्ति और नेशनल पीपुल्स पावर पार्टी के नेता रवि ने स्पीकर के उनके इस्तीफे स्वीकार करने के आदेश को रद्द करने के खिलाफ याचिका दायर की थी। मुख्य न्यायाधीश सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति जी अरुलमुरुगन की पीठ ने इन याचिकाओं पर सुनवाई की।
दरअसर इस पूरे मामले में याचिकाकर्ता ने तर्क देते हुए कहा अयोग्यता की प्रक्रिया लंबित होने के बावजूद स्पीकर ने बिना उचित जांच के इस्तीफे स्वीकार किए। स्वेच्छा से इस्तीफा दिए जाने पर स्पीकर इसे अस्वीकार नहीं कर सकते और दूसरी पार्टी में शामिल होना लोकतांत्रिक राजनीति का हिस्सा है। याचिका में आरोप लगाए गए कि अध्यक्ष ने कोई सार्थक जांच नहीं की।
विधायकों की खरीद-फरोख्त का दिया हवाला
राज्यपाल से विधायकों की खरीद-फरोख्त के मामले में कई शिकायतों का हवाला भी दिया गया। दूसरी तरफ इस्तीफा देने वाले विधायकों ने तर्क दिया। इस्तीफा देना और किसी अन्य पार्टी में शामिल होना एक बड़ी लोकतांत्रिक राजनीति का हिस्सा है। विधानसभा सचिव के पक्ष ने तर्क देते हुए कहा कि विधायक स्वेच्छा से त्यागपत्र दे सकते हैं। जिसे अध्यक्ष स्वीकार करने से मना नहीं कर सकते। AIADMK के पूर्व विधायक मरगथम कुमारवेल और पी सत्यभामा के जोसेफ विजय की TVK पार्टी में शामिल होने के लिए इस्तीफा देने के बाद मदुरंथकम और धरपुरम विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव हुए।
तमिलनाडु सीएम ने X पर किया था पोस्ट
चुनाव आयोग के मुताबिक TVK उम्मीदवार पी सत्यभामा ने धरपुरम विधानसभा उपचुनाव में 66,841 वोटों से जीत दर्ज की थी। मदुरंथकम में TVK उम्मीदवार के.मरगथम कुमारवेल ने जीत दर्ज की थी। दोनों ने TVK के सीटी चिन्ह पर फिर से चुनाव लड़ा। DMK और AIADMK के विपक्षी उम्मीदवारों ने भारी बहुमत से अपनी सीटें बरकरार रखीं।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने X पर पोस्ट कर परिणामों को धन-बल की राजनीति की ऐतिहासिक अस्वीकृति के रूप में दिखाया। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि मतदाताओं ने सिद्धांतवादी लोकतंत्र, राजनीतिक शिष्टाचार और व्यक्तिगत गरिमा के पक्ष में एक स्पष्ट फैसला सुनाया है।
लेन-देन वाली राजनीति को खत्म किया
मदुरंथकम और धरपुरम के उपचुनाव परिणाम घोषित हुए। शीर्ष स्थान पर तमिलनाडु के विजय लीग के प्रति जनता के दिलों में विश्वास और इच्छा को दिखाने में कामयाब रहे। विजय ने अपने सोशल मीडिया X पर पोस्ट कर इस बात पर जोर दिया कि बिना किसी वित्तीय लालच या दबाव से तैयार की गई रणनीति में सफल रहे। पिछले उपचुनावों में हाई-प्रोफाइल लेन-देन वाली राजनीति को अब खत्म कर दिया गया है।
तमिलनाडु भ्रष्ट ताकतों का गढ़ नहीं
तमिलनाडु के सीएम विजय ने इन चुनाव को बगैर पैसा खर्च किए करवाने के साथ-साथ बगैर किसी को लिस्ट में शामिल किए, बगैर किसी को अपमानित किए और तिरुमंगलाम या इरोड ईस्ट जैसे किसी फॉर्मूले को अपनाकर केवल प्रेम और रिश्तों के फॉर्मूले पर लोकतंत्र की रक्षा करते हुई जीत दर्ज की। तमिलनाडु भ्रष्ट ताकतों का गढ़ नहीं है।
यह महान जनशक्ति का गढ़ और प्रेमपूर्ण, पवित्र शक्ति का स्थान बन गया है। यहां की जनता दिलों में हम बड़ी जगह बना पाए है। तमिलनाडु के उपचुनावों के इतिहास में यह बड़ी जीत है। इसमें जिसने धनशक्ति के फॉर्मूले को चूर-चूर किया गया है।
यह भी पढें: PM के विजन को त्रिपुरा CM माणिक साहा ने दी धार, जानिए विकसित भारत 2047 के लिए क्या है प्लॉन?