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मछलीशहर में किसकी बनेगी सरकार? विधायक रागिनी सोनकर के कामकाज पर जनता ने क्या कहा, जानिए TNP News की ग्राउंड रिपोर्ट

Shailesh Yadav · 2 नवम्बर 2026
मछलीशहर में किसकी बनेगी सरकार?

UP Election 2027: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक बयानबाजी के साथ ही अब जनता के बीच चुनावी माहौल और स्थानीय मुद्दों की चर्चा भी शुरू हो गई है। इसी बीच TNP News की टीम पहुंची जौनपुर की मछलीशहर विधानसभा सीट पर, जहां लोगों से सीधे बातचीत कर उनका चुनावी मिजाज जानने की कोशिश की गई।

मछलीशहर विधानसभा क्षेत्र में इस बार जनता के मन में कई सवाल हैं। क्या मौजूदा सपा विधायक रागिनी सोनकर के कामकाज से लोग संतुष्ट हैं? क्या क्षेत्र में विकास की रफ्तार से जनता खुश है या फिर मतदाता बदलाव के मूड में हैं? TNP News की ग्राउंड रिपोर्ट में इन सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश की गई।

ग्राउंड पर लोगों की राय मिली-जुली नजर आई। किसी ने सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की तारीफ की, तो किसी ने सड़क, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर नाराजगी जाहिर की। राशन, महिला सुरक्षा और स्थानीय विकास भी लोगों की बातचीत में अहम मुद्दे रहे। वहीं, युवाओं ने बेरोजगारी, पेपर लीक और रोजगार के बेहतर अवसरों की मांग उठाई। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी लोगों ने अपनी चिंताएं जाहिर कीं।

मछलीशहर विधानसभा का राजनीतिक समीकरण
जौनपुर जिले की मछलीशहर विधानसभा सीट संख्या 369 अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है। यह मछलीशहर लोकसभा क्षेत्र की पांच विधानसभा सीटों में से एक है। यहां समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच मुकाबला हमेशा दिलचस्प रहा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की रागिनी सोनकर ने जीत दर्ज की थी। इससे पहले 2012 और 2017 में सपा के जगदीश सोनकर लगातार दो बार विधायक चुने गए थे। जगदीश सोनकर इस क्षेत्र के पुराने और प्रभावशाली राजनीतिक चेहरों में गिने जाते हैं।

कांग्रेस के दबदबे से सपा के मजबूत गढ़ तक का सफर
मछलीशहर विधानसभा सीट पर पहला चुनाव 1957 में हुआ था। शुरुआती दशकों में यहां कांग्रेस का दबदबा रहा। 1977 में आपातकाल के बाद हुए चुनाव में भी कांग्रेस अपनी सीट बचाने में सफल रही थी। हालांकि, 1989 में जनता दल के ज्वाला प्रसाद यादव ने कांग्रेस से यह सीट छीन ली। इसके बाद उन्होंने लगातार चार विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज की। शुरुआती तीन चुनाव उन्होंने जनता दल के टिकट पर जीते, जबकि 1996 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर विधानसभा पहुंचे।

इसके बाद 2002 और 2007 के विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी ने अपनी पकड़ मजबूत की। इन दोनों चुनावों में विनोद कुमार सिंह और सुभाष पांडेय बसपा के टिकट पर विधायक चुने गए। वहीं, 2012 से एक बार फिर इस सीट पर समाजवादी पार्टी का दबदबा कायम हुआ।

2017 में जगदीश सोनकर ने BJP को दी थी शिकस्त
2017 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के जगदीश सोनकर ने भाजपा की अनीता रावत को 4,179 वोटों से हराया था। जगदीश सोनकर को 72,368 वोट मिले थे, जबकि अनीता रावत को 68,189 वोट प्राप्त हुए थे। बसपा की सुशीला सरोज 52,796 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रही थीं। इस चुनाव परिणाम से साफ था कि मछलीशहर में सपा और भाजपा के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली थी।

जातीय समीकरण भी तय करेंगे चुनावी दिशा
मछलीशहर विधानसभा क्षेत्र में जातीय समीकरण भी चुनावी नतीजों को प्रभावित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उपलब्ध पुराने आंकड़ों के मुताबिक, यहां अनुसूचित जाति के करीब 61 हजार, यादव समुदाय के लगभग 60 हजार, ब्राह्मण 50 हजार, मुस्लिम 31 हजार, क्षत्रिय 25 हजार और बिंद समुदाय के करीब 22 हजार मतदाता बताए जाते हैं। हालांकि, ये आंकड़े पुराने उपलब्ध अनुमान हैं। 2027 के चुनाव में मतदाताओं की प्राथमिकताएं, स्थानीय मुद्दे और राजनीतिक दलों की रणनीति नतीजों पर असर डाल सकती हैं।

2027 में रागिनी सोनकर के सामने क्या होगी चुनौती?
मौजूदा विधायक रागिनी सोनकर के लिए आगामी विधानसभा चुनाव में क्षेत्र की जनता का भरोसा बनाए रखना अहम चुनौती होगी। वहीं, भाजपा और बसपा भी इस सीट पर अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश करेंगी। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि मछलीशहर की जनता 2027 में विकास, रोजगार और स्थानीय समस्याओं को प्राथमिकता देगी या फिर राजनीतिक समीकरण चुनाव की दिशा तय करेंगे?

मछलीशहर विधानसभा में जनता के मन में क्या चल रहा है? मौजूदा विधायक के कामकाज पर लोगों की क्या राय है और 2027 में किस पार्टी को मिल सकता है समर्थन? देखिए TNP News की खास पेशकश '27 की सत्ता' में जौनपुर की मछलीशहर विधानसभा की पूरी ग्राउंड रिपोर्ट।