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Lucknow Flood: गोमती का पानी पहुंचा पलासियो मॉल और इकाना स्टेडियम तक, सड़कों पर बाढ़ जैसे हालात

Shivashakti Narayan Singh · 8 अक्टूबर 2026
गोमती का पानी पहुंचा पलासियो मॉल और इकाना स्टेडियम तक

Lucknow Gomti River Flood: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गोमती नदी का बढ़ता जलस्तर अब शहर के उन इलाकों तक पहुंच गया है, जहां आम दिनों में चौड़ी सड़कें और बड़े कमर्शियल कॉम्प्लेक्स नजर आते हैं। बुधवार को नदी का पानी शहीद पथ की सर्विस लेन तक पहुंच गया। फीनिक्स पलासियो मॉल के सामने की सर्विस लेन पूरी तरह डूब गई, जिसके बाद इसे बैरिकेड लगाकर यातायात के लिए बंद करना पड़ा। इकाना स्टेडियम और गोमती नगर एक्सटेंशन के आसपास भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है।

हालांकि राहत की उम्मीद भी जगी है। अधिकारियों के मुताबिक, ऊपरी इलाकों में नदी का जलस्तर कम होने लगा है और गोमती में आई बाढ़ का पानी गुरुवार से धीरे-धीरे नीचे जाने की संभावना है।

107 मीटर के पार पहुंचा गोमती का पानी

बुधवार शाम लखनऊ में गोमती का जलस्तर करीब 107.24 मीटर दर्ज किया गया। यह चेतावनी स्तर से नीचे था, लेकिन नदी के लगातार बढ़ते पानी ने शहर के कई इलाकों में परेशानी बढ़ा दी। शहीद पथ की सर्विस लेन में पानी भरने से यहां यातायात प्रभावित हुआ। इसी रास्ते से उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के कार्यालय तक भी पहुंचा जाता है। गोमती नगर एक्सटेंशन, इकाना स्टेडियम और पलासियो मॉल के आसपास के इलाकों में भी पानी पहुंच गया। कुछ रिहायशी इलाकों में कई फीट तक पानी जमा होने की खबरें सामने आई हैं।

लखनऊ में बारिश रुकी, फिर भी क्यों बढ़ता गया पानी?

इस बाढ़ की सबसे बड़ी वजह यह है कि लखनऊ में लगातार बारिश न होने के बावजूद गोमती का जलस्तर बढ़ता रहा। दरअसल, नदी के ऊपरी कैचमेंट वाले इलाकों में हुई भारी बारिश का पानी कई दिनों की यात्रा के बाद लखनऊ तक पहुंचा है। रिपोर्टों के मुताबिक, सितंबर के आखिरी सप्ताह में पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी और सीतापुर जैसे इलाकों में हुई भारी बारिश का पानी छोटी नदियों और धाराओं के जरिए गोमती में आया। इसके बाद यही पानी धीरे-धीरे नीचे की ओर बढ़ता हुआ लखनऊ पहुंचा।

राहत-बचाव के लिए 90 नावें, 12 नाइट शेल्टर

बाढ़ प्रभावित इलाकों में नगर निगम और प्रशासन ने राहत अभियान तेज कर दिया है। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। नगर निगम के मुताबिक, जोन-6 के प्रभावित इलाकों से 35 परिवारों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया गया है, जबकि 26 लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। लोगों तक पीने का पानी पहुंचाने के लिए 20 पानी के टैंकर लगाए गए हैं और करीब 10 हजार लीटर पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर उपलब्ध कराया गया है।

बीमारी रोकने के लिए ड्रोन से छिड़काव

बाढ़ के बाद संक्रमण और मच्छरों से होने वाली बीमारियों के खतरे को देखते हुए नगर निगम ने सफाई अभियान भी तेज कर दिया है। करीब 250 कर्मचारी सैनिटेशन और बीमारी से बचाव के काम में लगाए गए हैं। करीब 150 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन के जरिए एंटी-लार्वा का छिड़काव किया गया है। इसके साथ ही अलग-अलग इलाकों में मैनुअल और बड़ी मशीनों से फॉगिंग भी कराई जा रही है। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती विश्वविद्यालय को अस्थायी रूप से राहत सामग्री रखने के केंद्र के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।

अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर साधा निशाना

लखनऊ की बाढ़ को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जलभराव का वीडियो शेयर करते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा।उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े भ्रष्टाचार के कारण नाले और सीवर व्यवस्था प्रभावित हुई है। अखिलेश ने सरकार पर बाढ़ जैसे हालात से निपटने में नाकाम रहने का आरोप भी लगाया। कांग्रेस ने भी प्रभावित इलाकों में अपने कार्यकर्ताओं के जरिए राहत सामग्री पहुंचाने की बात कही है। पार्टी ने फैजुल्लागंज क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने का दावा किया है।

आज मिल सकती है राहत

गोमती के जलस्तर को लेकर गुरुवार से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार ऊपरी कैचमेंट क्षेत्रों में जलस्तर नीचे आने लगा है और बाढ़ की मुख्य लहर के लखनऊ से आगे निकलने के संकेत हैं। हालांकि शहर के निचले इलाकों में पानी निकलने में समय लग सकता है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।