Kriti Sanon Personality Rights: पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचीं कृति सेनन, कोर्ट ने मांगी व्यापक कानूनी जानकारी
नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन ने अपने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े कानूनी पहलुओं की व्यापक समीक्षा की जरूरत बताई। कोर्ट ने कहा कि इस तरह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, इसलिए इनके कानूनी दायरे और अधिकार क्षेत्र को विस्तार से समझना जरूरी है।
जस्टिस पुरुषैंद्र कुमार कौरव ने कृति सेनन की ओर से पेश हुए वकील प्रवीण आनंद से पर्सनैलिटी राइट्स पर विस्तृत शोध सामग्री और संबंधित फैसलों का संकलन पेश करने को कहा। अदालत यह भी समझना चाहती है कि दिल्ली हाईकोर्ट की इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी डिवीजन (IPD) को ऐसे मामलों की सुनवाई करने का अधिकार किस सीमा तक है।
नाम, चेहरा और आवाज पर अधिकार का मामला
सुनवाई के दौरान वकील प्रवीण आनंद ने बताया कि पर्सनैलिटी राइट्स के तहत किसी व्यक्ति के नाम, आवाज, चेहरे, तस्वीरों और वीडियो जैसे पहचान से जुड़े पहलुओं को संरक्षण मिल सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि किसी व्यक्ति की पहचान का उसकी सहमति या अनुमति के बिना व्यावसायिक इस्तेमाल करना ऐसे मामलों का एक प्रमुख मुद्दा है।
अदालत ने इस विषय पर विस्तृत जानकारी मांगते हुए वकील से संबंधित न्यायिक फैसलों, शोध पत्रों और कानूनी व्याख्याओं को पेश करने को कहा। जस्टिस कौरव ने पर्सनैलिटी राइट्स के दायरे और उन व्यक्तिगत विशेषताओं को स्पष्ट करने पर जोर दिया, जिन्हें कानून के तहत सुरक्षा मिल सकती है।
वकील ने अदालत को बताया कि वह जरूरी दस्तावेज और फैसलों का संकलन उसी दिन दाखिल करेंगे। साथ ही, उन्होंने कहा कि कृति सेनन के मामले में अधिकार क्षेत्र को लेकर कोई समस्या नहीं है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को होगी।
कई हस्तियां मांग चुकी हैं पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा
दिल्ली हाईकोर्ट में हाल के समय में फिल्मी सितारों, खिलाड़ियों और अन्य सार्वजनिक हस्तियों की ओर से पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं। इससे पहले अभिनेत्री कंगना रनौत, तब्बू और विजय देवरकोंडा, क्रिकेटर अभिषेक शर्मा और युवराज सिंह, कांग्रेस नेता शशि थरूर तथा आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण जैसे चर्चित नाम भी ऐसे मामलों को लेकर अदालत का रुख कर चुके हैं।
इन मामलों में अक्सर किसी व्यक्ति की तस्वीर, नाम, आवाज, वीडियो या उसकी पहचान से जुड़े अन्य पहलुओं के कथित अनधिकृत इस्तेमाल का मुद्दा उठाया जाता है। खासकर जब किसी की पहचान का इस्तेमाल बिना अनुमति विज्ञापन, प्रचार या दूसरे व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया जाता है, तो कानूनी विवाद खड़ा हो सकता है।
AI और डीपफेक से बढ़ी चुनौती
डिजिटल प्लेटफॉर्म और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल ने पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े मामलों को और जटिल बना दिया है। किसी सेलिब्रिटी की तस्वीर या आवाज का इस्तेमाल कर नकली वीडियो बनाना, डीपफेक तैयार करना, फर्जी पहचान के जरिए लोगों को गुमराह करना या किसी उत्पाद के प्रचार में किसी हस्ती की पहचान का कथित तौर पर बिना अनुमति इस्तेमाल करना प्रमुख चिंताओं में शामिल है।
पर्सनैलिटी राइट्स का उद्देश्य किसी व्यक्ति की पहचान के अनधिकृत इस्तेमाल और व्यावसायिक शोषण से सुरक्षा प्रदान करना है। हालांकि, ऐसे मामलों में निजता के अधिकार, बौद्धिक संपदा, प्रचार संबंधी अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे पहलुओं के बीच संतुलन बनाना भी जरूरी होता है।
अब 29 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा मांगा गया कानूनी संकलन अदालत को पर्सनैलिटी राइट्स के दायरे, उनकी सीमाओं और ऐसे विवादों की सुनवाई के लिए उपयुक्त न्यायिक मंच जैसे सवालों पर विचार करने में मदद करेगा। कृति सेनन की याचिका ऐसे समय आई है, जब डिजिटल दुनिया में मशहूर हस्तियों की पहचान के कथित दुरुपयोग और AI से तैयार की गई सामग्री को लेकर कानूनी बहस तेज हो रही है।
अब सभी की नजरें 29 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई पर हैं, जहां पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े कानूनी पहलुओं पर आगे विचार किया जाएगा।
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