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नवगछिया में कोसी का कहर, 15 मीटर रेलवे लाइन का तटबंध टूटा; कई गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ा

Shailesh Yadav · 11 सितम्बर 2026
Navgachia Flood (ANI PHOTO)

Navgachia Flood: बिहार के नवगछिया में कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। रंगरा चौक प्रखंड के बनिया गांव के पास पुरानी रेलवे लाइन का तटबंध पानी के दबाव में टूट गया। करीब 15 मीटर तटबंध का हिस्सा बह गया, जिसके बाद बाढ़ का पानी तेजी से आसपास के निचले इलाकों और गांवों की ओर बढ़ने लगा।

रात में अचानक टूटा तटबंध
स्थानीय जानकारी के मुताबिक, रात में तेज हवा और बारिश के बाद कोसी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा। पानी का दबाव लगातार बढ़ने के कारण पुरानी रेलवे लाइन का तटबंध कमजोर पड़ गया और देर रात अचानक करीब 15 मीटर हिस्सा टूट गया। तटबंध टूटते ही पानी तेजी से आसपास के इलाकों में फैलने लगा। इससे पहले से बाढ़ की स्थिति से जूझ रहे गांवों में खतरा और बढ़ गया है।

इन गांवों की ओर बढ़ रहा बाढ़ का पानी
तटबंध टूटने के बाद निकला पानी साधोपुर, मसुदनपुर-बैसी, भवानीपुर, नवगछिया-बनिया समेत आसपास के क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है। इन इलाकों में पहले से ही बाढ़ का असर बना हुआ था। रंगरा प्रखंड के मदरौनी और चापर समेत कई गांव पहले से बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। नए तटबंध टूटने के बाद ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।

साधोपुर-बनिया सड़क का आधा हिस्सा क्षतिग्रस्त
पानी के तेज बहाव से साधोपुर-बनिया सड़क का करीब आधा हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे इलाके में आवागमन प्रभावित होने की आशंका है। ग्रामीण लगातार पानी के बहाव और जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं।

प्रशासन अलर्ट, शुरू हुआ मरम्मत का काम
तटबंध टूटने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और संबंधित विभाग सक्रिय हो गए। जिलाधिकारी अलंकारिता पांडेय स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। क्षतिग्रस्त तटबंध की मरम्मत का काम भी शुरू कर दिया गया है। मौके पर विभागीय कर्मचारियों के साथ जरूरी संसाधन लगाए गए हैं। हालांकि, पानी का तेज बहाव मरम्मत कार्य में बड़ी चुनौती बना हुआ है। विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती तटबंध के टूटे हिस्से को जल्द से जल्द दुरुस्त करना है।

गांवों में बढ़ी दहशत
कोसी नदी का पानी लगातार तटबंध के टूटे हिस्से से बह रहा है। ऐसे में आसपास के गांवों के लोगों में बाढ़ का खतरा बढ़ने को लेकर चिंता बनी हुई है। प्रशासन की निगरानी के बीच राहत और बचाव से जुड़ी तैयारियों पर भी नजर रखी जा रही है।