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'बहस के लिए परिपक्व लोग चाहिए', राहुल गांधी पर kiren rijiju का तीखा कटाक्ष

MADHVI TANWAR · 3 नवम्बर 2026
राहुल गांधी पर kiren rijiju का तीखा कटाक्ष

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विदेशी सहायता संबंधी टिप्पणियों को लेकर निशाना साधा और उनकी तुलना धर्मनिरपेक्षता की बात करने वाले इस्लामी कट्टरपंथियों से की। X पर साझा की गई एक पोस्ट में रिजिजू ने गांधी पर भारत के शत्रुओं के एजेंडे को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया ।

अलगाववादी भारतीय झंडे लहराते हैं

उन्होंने लिखा- यह ठीक वैसा ही है जैसे इस्लामी कट्टरपंथी धर्मनिरपेक्षता की बात करते हैं।अलगाववादी भारतीय झंडे लहराते हैं और अराजकतावादी संविधान दिखाते हैं। भारत के शत्रुओं के एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए दूसरों पर विदेशी समर्थन का आरोप लगाना खुद का मजाक उड़ाना है। उच्च स्तरीय बहसें परिपक्व लोगों के बीच होती हैं।

https://x.com/KirenRijiju/status/2117552970900684996

रिजिजू की ये टिप्पणियां गांधी द्वारा लगाए गए उन आरोपों के बाद आईं, जिनमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी विदेशी सहायता से प्रधानमंत्री बने और बने रहे तथा भारत की वित्तीय प्रणाली विदेशी ताकतों द्वारा नियंत्रित और समर्थित थी।

राहुल गांधी ने पोस्ट में लिखा

राहुल गांधी ने पोस्ट में लिखा था, श्री मोदी, इस देश से झूठ बोलना बंद कीजिए। आप विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बने। आप विदेशी मदद से ही प्रधानमंत्री बने हुए हैं। आपकी वित्तीय व्यवस्था पूरी तरह से विदेशियों द्वारा नियंत्रित और समर्थित है। विदेशी सोशल मीडिया आपका पूरा समर्थन करता है।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को खुली बहस के लिए चुनौती देते हुए कहा था। मैं आपको इस विषय पर खुली बहस के लिए चुनौती देता हूं। किसी भी मंच पर, किसी भी समय। अगर हिम्मत है तो आइए। आप हिम्मत नहीं कर पाएंगे, क्योंकि आप मेरे बारे में जो कुछ मैं जानता हूं उससे भयभीत हैं।

इस बीच राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी को विदेशी संबंधों के आरोपों पर खुली बहस की चुनौती दोहराई और प्रधानमंत्री से किसी भी स्थान का चयन करने और यहां तक ​​कि आरएसएस प्रमुख मोहन भगवत को न्यायाधीश नियुक्त करने के लिए कहा।

X पर एक पोस्ट में, गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री को पहली बार चुनौती दिए जाने के बाद से 24 घंटे बीत चुके हैं और उन्होंने उनसे मीडिया और देश के युवाओं की उपस्थिति में सार्वजनिक चर्चा के लिए आगे आने का आग्रह किया।

मोदी जी, आपको चुनौती दिए हुए 24 घंटे हो चुके हैं। आप कहते हैं कि विपक्ष राष्ट्रविरोधी है। कोई भी मंच, कोई भी स्थान चुनिए और मुझसे इस पर बहस कीजिए - राष्ट्रविरोधी कौन है? विदेशी ताकतों से किसके संबंध हैं? और उन संबंधों का स्वरूप क्या है? आइए इस पर जल्द से जल्द चर्चा करें। डरो मत!

बहस के प्रारूप का सुझाव देते हुए गांधी ने कहा कि दोनों नेता आमने-सामने बैठकर बहस कर सकते हैं, और प्रधानमंत्री किसी को भी निर्णायक के रूप में नियुक्त करने के लिए स्वतंत्र होंगे। आप मुझ पर आरोप लगाते हैं, है ना? सामने आइए। सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। आपने अन्य मामलों में मेरे खिलाफ मानहानि के मुकदमे दायर किए हैं। मुझे लगता है कि मेरे खिलाफ लगभग 45 मानहानि के मामले दर्ज हैं। लेकिन इस बहस के मुद्दे पर, विदेशी संबंधों के सवाल पर, आपने मानहानि का मुकदमा दायर नहीं किया है। आगे बढ़िए, मुकदमा दायर कीजिए। हम उस पर भी खुलकर चर्चा करेंगे। दिवाली की शुभकामनाएं, मोदी जी।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए विपक्ष की आलोचना की और उस पर लोकतांत्रिक भूमिका निभाने के बजाय बाधा उत्पन्न करने वाली ताकत बनने का आरोप लगाया।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी आरोप लगाया था कि कुछ ताकतें देश को बांटने की साजिश रच रही हैं और उन्होंने विदेशों में लोगों के साथ उनके संबंधों पर सवाल उठाए थे और विदेशी ताकतों से कथित समर्थन की बात कही थी।"

राहुल गांधी ने पीएम को दी थी खुली बहस की चुनौती

दरअसल राहुल गांधी ने 2 नवंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री विदेशी मदद के दम पर सत्ता में आए और उसी समर्थन के कारण पद पर बने हुए हैं।

राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि देश की आर्थिक व्यवस्था विदेशी ताकतों के नियंत्रण और समर्थन से प्रभावित है तथा विदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी प्रधानमंत्री का समर्थन करते हैं। इन आरोपों के साथ उन्होंने पीएम मोदी को किसी भी मंच और किसी भी समय बहस के लिए आमंत्रित किया।

रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

राहुल गांधी की चुनौती पर प्रतिक्रिया देते हुए किरेन रिजिजू ने एक्स पर लिखा कि यह वैसा ही है, जैसे इस्लामी कट्टरपंथी धर्मनिरपेक्षता की बात करें, अलगाववादी भारतीय झंडा लेकर चलें और अराजकतावादी संविधान की किताब दिखाएं। उन्होंने आगे कहा कि भारत के दुश्मनों के एजेंडे को आगे बढ़ाना और दूसरों पर विदेशी समर्थन लेने का आरोप लगाना खुद का मजाक उड़ाने जैसा है। इसी पोस्ट में रिजिजू ने तंज कसते हुए कहा, उच्च स्तरीय बहस परिपक्व लोगों के बीच होती है।

पीएम के बयान के बाद शुरू हुआ विवाद

यह पूरा विवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर दिए गए संबोधन के बाद शुरू हुआ। 31 अक्टूबर को गुजरात के एकता नगर में आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा था कि विपक्ष को रचनात्मक भूमिका निभाने के बजाय बाधा डालने वाली ताकत नहीं बनना चाहिए। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया के जरिए अफवाह फैलाने और देश की छवि खराब करने की कोशिशों को लेकर भी चिंता जताई थी। उन्होंने विदेशों में कुछ लोगों की मुलाकातों और भारत विरोधी ताकतों के समर्थन को लेकर सवाल उठाए थे।

राहुल के आरोपों पर बीजेपी का पलटवार

राहुल गांधी के विदेशी मदद से जुड़े आरोपों के बाद बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस नेता पर निशाना साधना शुरू कर दिया। रिजिजू का बयान भी इसी राजनीतिक टकराव की कड़ी माना जा रहा है।
वहीं राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से अपने आरोपों पर सार्वजनिक बहस करने की मांग दोहराई है। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इस राजनीतिक विवाद में खुली बहस की चुनौती ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग को और तेज कर दिया है।

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