Khyber Pakhtunkhwa पर होगा अमेरिका का कब्जा! आपातकाल के बीच शहबाज सरकार ने चल दी खौफनाक चाल
Khyber Pakhtunkhwa: अगर अपनी सरकार ही आवाम पर जुल्म करने लगे तो सोचिए की वहां की त्रस्त जनता किसपर भरोसा करें। हाल ही में पाकिस्तान सरकार की तरफ से ख़ैबर पख़्तूनख़्वा में आपातकाल लागू कर दिया गया था। आसान भाषा में कहें तो वहां की प्रांतीय सरकार को खत्म करके खुद का शासन चलाना है।
इसी बीच अब एक ऐसी खबर सामने आ रही है, जिसने पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया है और शहबाज सरकार पर गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है।
Khyber Pakhtunkhwa पर होगा अमेरिका का कब्जा!
याद कीजिए आज से कुछ महीने पहले यह खबरें तेजी से फैली थी कि अमेरिका खैबर पख्तूनख्वा और पीओके के इलाकों में पाक सरकार के साथ मिलकर खनिज संसाधनों को निकालेगा।
अब शहबाज सरकार ने बिना किसी कारण से खैबर पख्तूनख्वा में इमरजेंसी की घोषणा कर दी थी। अगर पूरे घटनाक्रम को देखा जाए तो अब सवाल उठने लगा है कि क्या पाक ने अमेरिका के दबाव में आकर यह प्रांत उनके हाथों में देना जा रहा है?
खैबर पख्तूनख्वा में खनिजों का भरमार
खैबर पख्तूनख्वा की अहमियत केवल उसकी भौगोलिक स्थिति तक सीमित नहीं है। यहां तेल और गैस के अनुमानित भंडार तथा विभिन्न खनिजों की मौजूदगी भी इसे आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण बनाती है। इसके अलावा इस इलाके में कच्चा तेल का भंडार, कोयला, क्रोमाइट, तांबा, लोहा, जस्ता, जिप्सम, नमक और कीमती रत्नों के भंडार भी पाए जाते हैं।
यह टिप्पणी ऐसे आरोपों के बीच आई है कि पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व, खासकर सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने ट्रंप से वादा किया था कि उन्हें देश की खदानों और खनिजों तक पहुंच दी जाएगी।
खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल से खनिज हितों को लेकर उठे सवाल
11 अक्टूबर को खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल लागू कर दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी 'पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ' (PTI) के नेतृत्व वाली चुनी हुई प्रांतीय सरकार को निलंबित कर दिया गया।
संघीय सरकार ने सुरक्षा की बिगड़ती स्थिति और आतंकवाद विरोधी अभियानों में प्रांतीय प्रशासन द्वारा सहयोग न करने के आरोपों का हवाला देते हुए इस कदम को सही ठहराया। PTI ने इस तर्क को खारिज कर दिया और इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित कदम बताया।
अगर इस बात पर थोड़ी भी सच्चाई है तो पाकिस्तान की आवाम के लिए ये किसी बुरे सपने से कम नहीं होगा। हालांकि कुछ समय बाद स्थिति साफ होने की संभावना है।
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