टीएनपी न्यूज़
होम / राज्य
राज्य

'हम जो करते हैं वह...', Delhi के व्यापारियों की अपील पर जानिए क्या बोले Mallikarjun Kharge?

MADHVI TANWAR · 26 अक्टूबर 2026
मल्लिकार्जुन खड़गे

कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने सोमवार को चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री और दिल्ली के व्यापारियों से की अपील के बाद बड़ा बयान दिया है। जिसमें उन्होंने विपक्षी गठबंधन की 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली बड़ी रैली को पुनर्निर्धारित करने की बात पर कहा 'हम जो करते हैं वह जनता के लिए' है। खरगे ने व्यापारियों के अनुरोध पर आज या कल विचार करने की बात कही है।

उन्होंने कहा कि, इसका समाधान निकाला जाएगा क्योंकि वह जो भी कर रहे हैं, वह जनता और व्यापारियों के लिए ही है। बीते दिन मोदी विरोधी आंदोलन को लेकर बीजेपी ने खरगे के खिलाफ मौर्चा खोल दिया है। ऐसे में इस रैली को पुननिर्धारित करने की अपील वाले बयान को लेकर कांग्रेस आगे क्या रणनीति तय करेगी यह एक बड़ा सवाल है?

ट्रेडर से मिली अपील के बारे में सोचेंगे

1 नवंबर को रामलीला मैदान में इंडिया ब्लॉक की प्लान्ड रैली को लेकर लोकसभा में लीडर ऑफ अपोजिशन राहुल गांधी को चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री और दिल्ली के व्यापारियों ने रिप्रेजेंटेशन दिया था। इसी सिलसिले में आज खरगे ने पटना में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि हम ट्रेडर से मिली अपील के बारे में सोचेंगे और कोई हल निकालेंगे।

क्योंकि हम जो कर रहे हैं, वह जनता और उनके लिए भी है। व्यापारियों की परेशानी के बारे में सोचते हुए खरगे ने कथित वोट तोरी के खिलाफ विपक्ष के देशव्यापी अभियान के बड़े महत्व पर जोर दिया। खरगे ने कहा कि वोट चोरी का मामला गंभीर है।

ट्रेडर्स के लिए एक बड़ी चिंता

CTI चेयरमैन बृजेश गोयल के 24 अक्टूबर को राहुल गांधी को एक पत्र दिखा था, जिसमें उन्होंने अलायंस से रामलीला मैदान में होने वाले इवेंट को 10 नवंबर के बाद तक टालने की अपील की थी। ट्रेड बॉडी ने पीक फेस्टिव शॉपिंग सीज़न के दौरान बिज़नेस में रुकावट आने की बात कही, जिसमें धनतेरस 6 नवंबर, दिवाली 8 नवंबर और भाई दूज 10 नवंबर की तारीख को शामिल किया था।

अपने लेटर में, CTI ने बताया कि रैली का समय दिल्ली के ट्रेडर्स के लिए एक बड़ी चिंता क्यों है। संस्था के अनुसार, अकेले धनतेरस पर दिल्ली में लगभग 25,000 करोड़ रुपये का बिज़नेस होता है। सोने और ज्वेलरी से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े और ऑटोमोबाइल तक। यह साल का सबसे बड़ा सेल्स विंडो है, और कोई भी रुकावट ट्रेडर्स को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है।

CTI ने क्या कुछ कहा? 

CTI ने यह भी कहा कि अक्टूबर की शुरुआत में सेंट्रल दिल्ली में ट्रैफिक डायवर्जन से रिटेल और होलसेल व्यापारियों को लगभग 3,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। सबसे बड़ी चिंता लोकेशन की है। रामलीला मैदान दिल्ली के लगभग 20 सबसे बड़े होलसेल और रिटेल मार्केट- चांदनी चौक, सदर बाजार, खारी बावली, भागीरथ पैलेस, चावड़ी बाजार, करोल बाग और दूसरे के 5 km के दायरे में है।

रैली के आस-पास सिक्योरिटी बैरिकेड, रोड डायवर्जन और संभावित मेट्रो कर्ब से पीक शॉपिंग टाइम पर कस्टमर की पहुंच कट सकती है। यह जगह पुरानी दिल्ली और नई दिल्ली रेलवे स्टेशनों के पास है। त्योहारों के सप्ताह में बाहर से हज़ारों खरीदार और थोक व्यापारी राजधानी आते हैं, इसलिए इन ट्रांज़िट हब के आस-पास भीड़ होने से लॉजिस्टिक में बड़ी दिक्कतें आ सकती हैं।

फेस्टिवल सीजन तक रैली टालने की अपील

पॉलिटिकल पार्टियों के पब्लिक मीटिंग करने के अधिकार को मानते हुए, CTI ने अपोज़िशन लीडरशिप से राजधानी में छोटे और मीडियम बिज़नेस की फ़ाइनेंशियल हेल्थ पर विचार करने और फेस्टिव सीज़न के बाद तक रैली को टालने की अपील की।

पत्र के बाद उम्मीद

पत्र में उम्मीद जताई गई कि कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी व्यापारियों की चिंताओं को समझेंगे और 10 नवंबर के बाद रैली करने पर विचार करेंगे। खड़गे ने कहा कि अंदरूनी बातचीत "आज या कल" होगी, इसलिए उम्मीद है कि अलायंस जल्द ही यह ऐलान करेगा कि 1 नवंबर का इवेंट प्लान के मुताबिक होगा या फेस्टिवल के बाद की तारीख पर होगा।

यह भी पढ़ें: टेसू झेंझी विसर्जन यात्रा के दौरान सड़क हादसा: कार चालक ने ग्रामीणों को रौंदा, 5 की मौत