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न्यूयॉर्क में UN मुख्यालय के बाहर कश्मीरी प्रवासियों का प्रदर्शन, PoJK के मुद्दे उठाए

Pradeep Singh · 29 सितम्बर 2026
कश्मीरी प्रवासियों का प्रदर्शन

न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र की हाई-लेवल वीक के दौरान न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर कश्मीरी प्रवासी समुदाय के सदस्यों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में मानवाधिकारों और क्षेत्र के लोगों से जुड़े मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने उठाया।

जम्मू कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JKJAAC) के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने UN परिसर के बाहर इकट्ठा होकर PoJK में मानवाधिकारों की स्थिति को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कीं।

पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की वापसी की मांग

JKJAAC के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने पोस्टर और टुकड़ियों लेकर पाकिस्तान के सुरक्षा बलों को क्षेत्र से हटाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कथित हत्याओं, गिरफ्तारियों, जबरन गायब किए जाने और मौलिक स्वतंत्रताओं पर आरोपों जैसे मुद्दे भी उठाए गए।

संगठन ने कहा कि प्रवासी समुदाय का उद्देश्य PoJK के लोगों की चिंताओं को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना है। JKJAAC ने क्षेत्र में मानवाधिकारों के कथित उल्लंघनों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने तथा जिम्मेदार पाए जाने वालों को जवाबदेह उल्लेखने की मांग भी की।

कई वर्षों से जारी है PoJK में विरोध आंदोलन

यह प्रदर्शन PoJK में पिछले कई वर्षों से चल रहे विरोध प्रदर्शनों की नींव में हुआ है। JKJAAC ने बिजली की लाइनें, गेहूं और आटे की लाइनें तथा बुनियादी सार्वजनिक सेवाएं जैसे मुद्दों को लेकर जन आंदोलन संगठित किया है।

मई 2024 में बड़े पैमाने पर हुए प्रदर्शनकारियों के दौरान मुजफ्फराबाद, रावलाकोट और मीरपुर समेत कई शहरों में बंद और परिवहन हड़ताल हुई थी। उस दौरान झड़पों की भी खबरें सामने आई थीं। बाद में आंदोलन के मुद्दों का दायरा बढ़ाया और 2025 में JKJAAC ने आर्थिक, प्रशासनिक और राजनीतिक संगठनों वाला विस्तृत चार्टर पेश किया।

2026 में फिर बढ़ाया तनाव

2026 में भी क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन और सरकार के साथ तनाव जारी रहा। जून में JKJAAC की हड़ताल से PoJK में व्यापार और परिवहन प्रभावित हुआ। संगठन ने राजनीतिक अधिकार, प्रतिनिधित्व में बदलाव और पहले किए गए समझौतों को लागू करने की मांग उठाई।

जून 2026 में AJK सरकार ने JKJAAC को आतंकवाद विरोधी अधिनियम के तहत प्रतिबंध संगठन घोषित किया था। मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी इस कदम और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर चिंता जताई थी।

JKJAAC ने बाद में इस प्रतिबंध को वापस लेने, गिरफ्तार सदस्यों की रिहाई और सरकार के साथ बातचीत बहाल करने की मांग की। संगठन के अपने जून के पन्नों में भी उसने खुद को शांत नागरिक और राजनीतिक अधिकारों का आंदोलन बताया है।

न्यूयॉर्क प्रदर्शन का मकसद अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित करना

न्यूयॉर्क में हुए प्रदर्शन के जरिए कश्मीरी प्रवासी समुदाय ने PoJK से जुड़े मानवाधिकार और राजनीतिक मुद्दों को संयुक्त राष्ट्र के आसपास अंतरराष्ट्रीय समझौतों और समुदायों के सामने रखने की कोशिश की।

प्रदर्शनकारियों की मांगों और आरोपों को JKJAAC के समर्थकों के रूप में देखा जाना चाहिए। PoJK की स्थिति और प्रदर्शन से जुड़े विभिन्न समर्थकों के समर्थकों में अंतर है, जबकि क्षेत्र में सीमित विरोध प्रदर्शनों और सरकारी कार्रवाई को लेकर अलग-अलग रिपोर्टें सामने आई हैं।

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