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12 साल बाद आज सिंह राशि में गोचर करेंगे देवगुरु बृहस्पति, किसकी चमकेगी किस्मत और किसे मिलेगा धन लाभ?

MADHVI TANWAR · 31 अक्टूबर 2026
आज सिंह राशि में गोचर करेंगे देवगुरु बृहस्पति

Jupiter Transit Leo: साल 2026 में ज्योतिषिय गणना के हिसाब से बेहद खास होने वाला है। क्योंकि आज 12 साल बाद देवगुरू बृहस्पति कर्क से निकलकर सूर्य की राशि सिंह में गोचर कर रहे हैं। 31 अक्तूबर को दोपहर 12 बजकर 02 मिनट पर गुरु ग्रह सिंह राशि में गोचर करेंगे। गुरु का यह राशि परिवर्तन सभी 12 राशियों के जीवन पर अलग-अलग तरह से असर डालेगा, किसी राशि के लिए यह गोचर कितना त्योहार से पहले खुशियां लाया है। साथ ही बताते हैं आपको इस गोचर से किस राशि के जातकों को रहना होगा सावधान?

दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर होगा राशि परिवर्तन

ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, धन, भाग्य, संतान, विवाह और सुख-समृद्धि का कारक माना जाता है। 31 अक्टूबर 2026, शनिवार को देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। इस राशि परिवर्तन को ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दिल्ली के समय के अनुसार गुरु का सिंह राशि में गोचर दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर होगा।

गुरु के इस गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग पड़ेगा। विशेष रूप से मेष, कर्क, तुला, धनु और कुंभ राशि के जातकों के लिए धन, शिक्षा, करियर और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक अवसर बनने की ज्योतिषीय संभावना है। हालांकि, गुरु के साथ सिंह राशि में पहले से मौजूद केतु की युति भी महत्वपूर्ण रहेगी। इसलिए हर राशि के लिए परिणाम एक जैसे नहीं होंगे।

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सिंह राशि की बदलेगी तकदीर

सिंह राशि के जातकों के लिए गुरु का राशि परिवर्तन काफी खास रहने वाला है। इससे बिजनेस में बेहतर अवसर मिलेंगे। सिंह राशि में गुरु के प्रवेश से आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि होगी। कोई खास शख्स सिंह राशि के जातकों के जीवन में आएगा। सुख-सुविधाओं में वृद्धि के साथ-साथ आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के नए अवसर मिलेंगे। करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर मिलेंगे। मान-सम्मान भी बढ़ेगा। विवाह योग्य जातकों के लिए अच्छे रिश्ते आ सकते हैं।

अन्य राशियों की भी चमकेगी किस्मत

31 अक्तूबर को देवगुरू बृहस्पति सिंह राशि में गोचर करेंगे। गुरु का सिंह राशि में गोचर अन्य राशियों के भाग्य को भी चमकाने का काम करेगा। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक गुरु की शुभ स्थिति से जातकों के भाग्य में तो बदलाव लाती ही है, साथ ही मेहनत का भी पूरा फल मिलता है। आज सिंह राशि में गोचर करने के बाद बृहस्पति 25 जनवरी 2027 तक रहेगा। जब बृहस्पति रेट्रोग्रेड करते हुए वापस कर्क राशि में चला जाएगा। यह 2027 में बाद में सिंह राशि में वापस आएगा और 2028 तक वहीं रहेगा, इसलिए सिंह राशि का थीम कुल मिलाकर एक साल से ज़्यादा समय तक चलेगा।

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कब होगा गुरु का राशि परिवर्तन?

तारीख: 31 अक्टूबर 2026, शनिवार
समय: दोपहर 12:50 बजे (नई दिल्ली)
वर्तमान राशि: कर्क
नई राशि: सिंह
नक्षत्र: मघा
वक्री होने की तारीख: 13 दिसंबर 2026
गुरु का सिंह राशि में यह पहला चरण जनवरी 2027 तक रहेगा। वक्री गति के कारण 25 जनवरी 2027 को गुरु दोबारा कर्क राशि में लौटेंगे।

गुरु के सिंह राशि में आने से क्या होगा खास?

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, सिंह राशि सूर्य के स्वामित्व वाली राशि है। गुरु और सूर्य के बीच मित्रता मानी जाती है। ऐसे में इस गोचर को नेतृत्व क्षमता, शिक्षा, प्रशासन, प्रतिष्ठा और सामाजिक सम्मान से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, सिंह राशि में पहले से केतु मौजूद हैं। ऐसे में गुरु-केतु की युति भी बनेगी। इसे आध्यात्मिकता, शोध, धार्मिक चिंतन और पारंपरिक ज्ञान के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है।

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गुरु गोचर से किन 5 राशियों को मिलेगा सबसे ज्यादा लाभ?

1. मेष राशि (Aries)

गुरु का गोचर आपकी राशि से पांचवें भाव में होगा। विद्यार्थियों को शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के अवसर मिल सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक बदलाव संभव हैं।

कर्क राशि (Cancer)

गुरु आपकी राशि से दूसरे भाव में गोचर करेंगे। यह भाव धन, बचत और परिवार से संबंधित है। ऐसे में आर्थिक स्थिति मजबूत करने, रुका हुआ पैसा प्राप्त करने और आय के नए अवसर मिलने की संभावना है। पारिवारिक रिश्तों में भी मधुरता आ सकती है।

तुला राशि (Libra)

गुरु का गोचर आपकी राशि से ग्यारहवें भाव में होगा, जिसे लाभ और आय का भाव माना जाता है। नौकरी में प्रमोशन, कारोबार में मुनाफा और नए संपर्कों से फायदा मिलने के संकेत हैं। लंबे समय से अधूरी इच्छाएं पूरी होने की उम्मीद भी बन सकती है।

धनु राशि (Sagittarius)

देवगुरु बृहस्पति आपकी राशि के स्वामी हैं। उनका नौवें भाव में गोचर भाग्य, उच्च शिक्षा और लंबी यात्राओं के लिए अनुकूल माना जाता है। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और अनुभवी लोगों का मार्गदर्शन लाभदायक साबित हो सकता है।

कुंभ राशि (Aquarius)

गुरु आपकी राशि से सातवें भाव में प्रवेश करेंगे। यह भाव विवाह, साझेदारी और कारोबार से जुड़ा है। अविवाहित लोगों के विवाह की संभावनाएं मजबूत हो सकती हैं। व्यापार में नए साझेदार मिल सकते हैं और दांपत्य जीवन में आपसी समझ बेहतर होने के संकेत हैं।

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बाकी 7 राशियों पर कैसा रहेगा प्रभाव?

वृषभ: घर-परिवार और संपत्ति से जुड़े मामलों में धैर्य रखने की जरूरत होगी।
मिथुन: मेहनत और संवाद के माध्यम से सफलता मिलेगी, लेकिन परिणाम मिलने में समय लग सकता है।
सिंह: आत्मविश्वास और प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है। हालांकि, अहंकार और अनावश्यक खर्च से बचना होगा।
कन्या: खर्चों में बढ़ोतरी संभव है। विदेश यात्रा और आध्यात्मिक गतिविधियों के अवसर मिल सकते हैं।
वृश्चिक: कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। मेहनत के दम पर आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
मकर: अचानक खर्च और आर्थिक मामलों में सावधानी बरतनी होगी।
मीन: नौकरी और प्रतियोगिता में मेहनत बढ़ेगी। कर्ज और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों पर ध्यान देना होगा।

गुरु को मजबूत करने के लिए क्या करें?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवगुरु बृहस्पति की कृपा प्राप्त करने के लिए गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा करना शुभ माना जाता है।
1. गुरुवार को भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें।
2. जरूरतमंदों को चने की दाल और पीले वस्त्र दान करें।
3. 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः' मंत्र का जाप करें।
4. अपने गुरु, शिक्षकों और बड़ों का सम्मान करें।

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