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PoJK में तनाव के बीच JKJAAC का पाकिस्तान सरकार पर आरोप, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा का दिया हवाला

Shailesh Yadav · 30 सितम्बर 2026
JKJAAC raises concerns over handling of protests in PoJK

नई दिल्ली: पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में पाकिस्तान सरकार और जम्मू-कश्मीर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JKJAAC) के बीच तनाव जारी है। बता दें कि JKJAAC ने पाकिस्तान सरकार पर आरोप लगाया है कि प्रशासन जिस तरह से विरोध प्रदर्शनों और असहमति से निपट रहा है, उससे क्षेत्र में हालात और बिगड़ सकते हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर क़ैसर खान के नाम से किए गए एक पोस्ट में JKJAAC ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा हालात का हवाला देते हुए PoJK की स्थिति पर सवाल उठाए। संगठन ने आरोप लगाया कि दोनों प्रांतों में सुरक्षा बलों को लगातार हमलों का सामना करना पड़ रहा है और प्रशासन के सामने उग्रवादी गतिविधियों पर काबू पाने की चुनौती बनी हुई है।

पोस्ट में बलूचिस्तान में महिला आत्मघाती हमलावरों के सामने आने की रिपोर्टों का भी जिक्र किया गया। JKJAAC ने सवाल उठाया कि क्या सरकार की मौजूदा कार्रवाई लोगों को और अधिक उग्रता की ओर धकेल रही है।

पाकिस्तानी मंत्रियों पर भी साधा निशाना
JKJAAC ने पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी, सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार और गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी की भी आलोचना की। संगठन का आरोप है कि सरकार की ओर से दिए गए बयान और उठाए गए कदम सुरक्षा बलों पर होने वाले हमलों को रोकने में प्रभावी साबित नहीं हुए हैं। हालांकि, ये आरोप JKJAAC की ओर से लगाए गए हैं और संगठन के दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।

PoJK में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई का आरोप
JKJAAC ने PoJK के मुख्य सचिव और पुलिस महानिरीक्षक पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित तौर पर अत्यधिक बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है। संगठन ने मनमानी हिरासत, छापेमारी और नागरिकों तथा पत्रकारों पर दबाव बनाने जैसे आरोप भी लगाए हैं। पिछले कुछ महीनों में PoJK के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन और झड़पों की घटनाओं ने प्रशासन, सुरक्षा बलों और स्थानीय लोगों के बीच संबंधों को लेकर बहस तेज की है।

सरकार और JKJAAC के दावों में अंतर
PoJK में मौजूदा विवाद मुख्य रूप से प्रदर्शन, कानून-व्यवस्था, शासन और स्थानीय लोगों की मांगों पर सरकार की प्रतिक्रिया से जुड़ा है। JKJAAC और क्षेत्रीय प्रशासन की ओर से घटनाओं और अशांति के कारणों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आते रहे हैं। ऐसे में PoJK में तनाव की स्थिति बनी हुई है और दोनों पक्ष एक-दूसरे की कार्रवाई तथा भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं।