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विपक्षी मार्च से पहले जंतर-मंतर पर बढ़ी सुरक्षा, महिला पत्रकारों से बदसलूकी के खिलाफ भी प्रदर्शन

Shailesh Yadav · 6 अक्टूबर 2026
jantar mantar protest

Jantar Mantar Protest: राजधानी दिल्ली में मंगलवार को राजनीतिक गतिविधियां तेज होने के बीच जंतर-मंतर और चुनाव आयोग (ECI) मुख्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। विपक्षी दलों के प्रस्तावित मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने इलाके में बड़ी संख्या में जवान तैनात किए हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की गई है।

मंगलवार के प्रदर्शन से पहले सोमवार को भी जंतर-मंतर और संसद मार्ग के आसपास माहौल तनावपूर्ण रहा। पुलिस ने संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन कर रहे कई लोगों को हिरासत में लिया। ये लोग 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा कथित यौन दुर्व्यवहार के आरोपों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।

सिर्फ FIR दर्ज कराने की मांग थी
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वे रात से ही पुलिस से शिकायत पर FIR दर्ज करने की मांग कर रहे थे। एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि वे रविवार शाम करीब 6 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक मौके पर बैठे रहे और सुबह करीब 7 बजे पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारी ने कहा कि उनकी मांग केवल इतनी थी कि कथित घटना को लेकर FIR दर्ज की जाए। आरोप लगाया गया कि इसके बजाय पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया और उन्हें हिरासत में ले लिया।

एक प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया, 'हम कल शाम 6 बजे से यहां बैठे हैं। हमारी सिर्फ इतनी मांग है कि FIR दर्ज की जाए। लेकिन पुलिस हमारे साथ गलत व्यवहार कर रही है और हमें हिरासत में ले रही है। जिस महिला के साथ यौन उत्पीड़न हुआ, उसके साथ भी कथित तौर पर मारपीट की गई।'

महिला और दिव्यांग प्रदर्शनकारी को भी पीटा
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर बल प्रयोग करने के गंभीर आरोप भी लगाए। एक अन्य प्रदर्शनकारी ने दावा किया कि थाने के अंदर प्रदर्शनकारियों पर डंडों का इस्तेमाल किया गया। आरोप लगाया गया कि महिला और दिव्यांग प्रदर्शनकारियों के साथ भी कथित तौर पर मारपीट की गई।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे 3 अक्टूबर की घटना को लेकर दर्ज शिकायत की स्थिति जानने के लिए पुलिस के पास पहुंचे थे। उनका आरोप था कि 48 घंटे बीतने के बाद भी उन्हें शिकायत पर कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं बताई गई।

तीन महिला पत्रकारों ने लगाए थे यौन उत्पीड़न के आरोप
दरअसल, 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। मामले में दिल्ली पुलिस को शिकायत मिलने के बाद जांच को क्राइम ब्रांच, कमला मार्केट को सौंप दिया गया है।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 3 अक्टूबर को नई दिल्ली इलाके में प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति बनी हुई थी। इसी दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिस अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। पुलिस ने कहा कि नई दिल्ली जिले को मिली शिकायतों को निष्पक्ष जांच के लिए क्राइम ब्रांच को भेज दिया गया है।

चुनाव आयोग के खिलाफ भी प्रदर्शन
इसी बीच, चुनाव आयोग के खिलाफ भी प्रदर्शन जारी है। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जंतर-मंतर के पास प्रदर्शन कर रहे ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के कई सदस्यों को पुलिस ने हिरासत में लिया। प्रदर्शनकारियों में AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा के अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण और कपिल सिब्बल भी शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया।

मंगलवार को प्रस्तावित विपक्षी मार्च को देखते हुए अब जंतर-मंतर और चुनाव आयोग मुख्यालय के आसपास सुरक्षा और भी बढ़ा दी गई है। बैरिकेडिंग और भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बीच राजधानी में राजनीतिक विरोध-प्रदर्शन का माहौल लगातार गरमाता नजर आ रहा है।