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कैंची धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर, इन हाईवे से आसान हो सकता है सफर

Shivashakti Narayan Singh · 13 अक्टूबर 2026
अब कैंची धाम जाना होगा आसान

Nainital Connectivity: उत्तराखंड के नैनीताल और बाबा नीम करौली के प्रसिद्ध कैंची धाम जाने का प्लान बना रहे लोगों के लिए आने वाले समय में सफर आसान हो सकता है। राजस्थान से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड तक सड़क संपर्क बेहतर करने वाली कई परियोजनाओं को जोड़कर एक बड़े कनेक्टिविटी नेटवर्क की तस्वीर सामने आ रही है। इसके पूरा होने पर जयपुर, आगरा, मथुरा और दिल्ली-एनसीआर से नैनीताल जाने वाले यात्रियों को फायदा मिल सकता है।

फिलहाल लंबी दूरी, रास्ते में लगने वाला जाम और कुछ हिस्सों में धीमी रफ्तार यात्रा का समय बढ़ा देती है। प्रस्तावित कॉरिडोर से जुड़े सभी जरूरी सड़क मार्ग बेहतर तरीके से जुड़ते हैं, तो इन शहरों से नैनीताल पहुंचने में पहले के मुकाबले कम समय लग सकता है।

जयपुर से 9-10 घंटे में नैनीताल पहुंचने की उम्मीद

इस कनेक्टिविटी नेटवर्क का फायदा राजस्थान के लोगों को भी मिल सकता है। मौजूदा हालात में जयपुर से नैनीताल पहुंचने में करीब 12 से 14 घंटे तक लग सकते हैं। ट्रैफिक और रास्ते की स्थिति के हिसाब से समय और बढ़ जाता है। बताए गए अनुमान के मुताबिक, सड़क संपर्क बेहतर होने के बाद जयपुर से नैनीताल का सफर करीब 9 से 10 घंटे में पूरा हो सकता है। वहीं, आगरा और मथुरा से नैनीताल पहुंचने में लगभग 5 से 6 घंटे लगने का अनुमान है। हालांकि, ये संभावित यात्रा समय हैं। वास्तविक समय सड़क परियोजनाओं की स्थिति, अंतिम रूट, ट्रैफिक और मौसम पर निर्भर करेगा।

इन सड़क परियोजनाओं को जोड़ने से बनेगा बेहतर रूट

इस नेटवर्क में कई मौजूदा और प्रस्तावित सड़क मार्ग अहम भूमिका निभा सकते हैं।

  • नैनीताल-हल्द्वानी मार्ग: नैनीताल और हल्द्वानी के बीच पहले से सड़क संपर्क मौजूद है। आगे के सफर के लिए यह मार्ग महत्वपूर्ण है।
  • बरेली-हल्द्वानी एक्सप्रेसवे: यह प्रस्तावित चार लेन का एक्सेस-कंट्रोल एक्सप्रेसवे बताया गया है। इसकी लंबाई करीब 100 किलोमीटर होने का अनुमान है। इसके बनने से बरेली से हल्द्वानी के बीच आवागमन बेहतर हो सकता है।
  • बरेली-मथुरा हाईवे: इस मार्ग पर निर्माण कार्य जारी होने की बात कही गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इसका लगभग 50 फीसदी काम पूरा हो चुका है।
  • मथुरा-जयपुर हाईवे: यह पहले से मौजूद सड़क मार्ग है। इसके कुछ हिस्सों में चौड़ीकरण का काम भी किया जा रहा है।

इन मार्गों की कनेक्टिविटी बेहतर होने पर राजस्थान, पश्चिमी यूपी और कुमाऊं क्षेत्र के बीच यात्रा करना पहले से आसान हो सकता है।

आगरा-मथुरा से नैनीताल का सफर 5-6 घंटे में?

आगरा और मथुरा से उत्तराखंड जाने वाले यात्रियों को भी इस नेटवर्क से राहत मिलने की उम्मीद है। अभी नैनीताल तक पहुंचने में इन शहरों से करीब 8 से 9 घंटे लग सकते हैं। प्रस्तावित कनेक्टिविटी बेहतर होने पर यह समय घटकर करीब 5 से साढ़े 5 घंटे रह जाने का अनुमान है। यात्रियों के लिए इसका मतलब होगा कि वीकेंड पर नैनीताल घूमने या परिवार के साथ छुट्टियां बिताने की योजना बनाना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है। हालांकि, यात्रा का समय कम होने का दावा तभी स्पष्ट होगा, जब संबंधित सड़क परियोजनाएं पूरी होंगी और पूरे रूट की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।

नोएडा-दिल्ली से भी नैनीताल जाने का रास्ता हो सकता है आसान

इस नेटवर्क से दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों को भी फायदा मिलने की संभावना है। नोएडा से यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते वृंदावन के आसपास पहुंचकर बरेली की ओर जाने वाले मार्ग से जुड़ने का विकल्प बताया गया है। इसके बाद बरेली और हल्द्वानी होते हुए नैनीताल पहुंचा जा सकता है। अनुमान के मुताबिक, इस रूट से दिल्ली-एनसीआर से नैनीताल का सफर करीब 5 से 6 घंटे में पूरा हो सकता है। लेकिन यह समय सड़क की स्थिति, ट्रैफिक और इस्तेमाल किए जाने वाले वास्तविक रूट पर निर्भर करेगा।

कैंची धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को भी मिल सकता है फायदा

नैनीताल के पास स्थित कैंची धाम बाबा नीम करौली से जुड़ा प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यहां देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। सड़क संपर्क बेहतर होने पर राजस्थान, आगरा-मथुरा और दिल्ली-एनसीआर से आने वाले लोगों के लिए यात्रा आसान हो सकती है। फिलहाल कैंची धाम पहुंचने के लिए नैनीताल और हल्द्वानी की ओर से सड़क मार्ग उपलब्ध हैं। भविष्य में आसपास के प्रमुख शहरों से बेहतर कनेक्टिविटी मिलने पर श्रद्धालुओं को लंबी यात्रा के दौरान राहत मिल सकती है।

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