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कम उम्र में IPS अफसर बनीं, ‘लेडी सिंघम’ के नाम से मिली पहचान, लेकिन 28 की उम्र में ऐसा क्या हुआ कि काम्या मिश्रा ने दे दिया इस्तीफा?

Shivashakti Narayan Singh · 29 सितम्बर 2026
22 साल की उम्र में UPSC पास कर IPS बनीं काम्या मिश्रा ने 28 की उम्र में इस्तीफा देकर सभी को चौंका दिया। बिहार की 'लेडी…

बिहार की चर्चित IPS अधिकारी काम्या मिश्रा को लोग 'लेडी सिंघम' के नाम से जानते हैं। महज 22 साल की उम्र में UPSC पास कर उन्होंने पुलिस सेवा जॉइन की और कुछ ही वर्षों में अपनी सख्त कार्रवाई की वजह से अलग पहचान बना ली। लेकिन जब उनका करियर तेजी से आगे बढ़ रहा था, तभी उन्होंने 28 साल की उम्र में इस्तीफा देकर सभी को हैरान कर दिया।

कौन हैं काम्या मिश्रा?

काम्या मिश्रा मूल रूप से ओडिशा की रहने वाली हैं। उन्होंने 2019 में UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास की और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में चयनित हुईं। शुरुआती तौर पर उन्हें हिमाचल प्रदेश कैडर मिला, लेकिन बाद में अनुरोध पर उनका कैडर बदलकर बिहार कर दिया गया।बिहार में उन्होंने कई जिलों में तैनाती के दौरान शराब माफिया और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की। इसी दौरान एक लाठीचार्ज मामले में उनका 'मैंने कुछ नहीं किया' वाला वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था।

पति भी हैं IPS अधिकारी

काम्या मिश्रा के पति अवधेश दीक्षित भी IPS अधिकारी हैं। वह मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले हैं और IIT बॉम्बे से पढ़ाई कर चुके हैं। दोनों की मुलाकात मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में ट्रेनिंग के दौरान हुई थी। दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदली और बाद में दोनों ने शादी कर ली।

घास की अंगूठी से किया था प्रपोज

दोनों की लव स्टोरी भी काफी दिलचस्प है। काम्या ने एक इंटरव्यू में बताया था कि गांव के दौरे के दौरान उन्होंने खुद अवधेश को प्रपोज किया था। उस समय उनके पास अंगूठी नहीं थी, इसलिए उन्होंने घास से अंगूठी बनाकर उन्हें पहनाई थी। उस दौरान उनके कई बैचमेट भी वहां मौजूद थे।

आखिर क्यों छोड़ी IPS की नौकरी?

काम्या मिश्रा ने एक इंटरव्यू में बताया कि वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं। उनके पिता का कारोबार है और परिवार की जिम्मेदारी संभालने के लिए उन्होंने IPS की नौकरी छोड़ने का फैसला किया।उन्होंने कहा कि IPS बनना उनका सपना था और इस सेवा ने उन्हें अपनी अलग पहचान दी। उनका मानना है कि कम उम्र में बड़ा बदलाव लाने का सबसे अच्छा जरिया UPSC हो सकता है, लेकिन परिवार की जिम्मेदारियों को देखते हुए उन्होंने आगे का रास्ता बदलने का फैसला किया।

बिहार में क्यों बनीं 'लेडी सिंघम'?

बिहार में तैनाती के दौरान काम्या मिश्रा की पहचान एक सख्त पुलिस अधिकारी के रूप में बनी। अपराध और अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई की वजह से लोग उन्हें 'लेडी सिंघम' कहने लगे। हालांकि, नौकरी छोड़ने के बाद भी उनकी कहानी आज UPSC अभ्यर्थियों के बीच प्रेरणा के रूप में चर्चा में रहती है।