‘इंशाअल्लाह’ पर मचा सियासी बवाल, IPS अधिकारी बुशरा के समर्थन में उतरीं महुआ मोइत्रा
IPS Officer Bushra :ब्रिक्स सम्मेलन में दुनिया भर से आये हुए मुस्लिम राष्ट्राध्यक्षों का स्वागत किया गया। लेकिन इसी भारत के पश्चिम बंगाल की राज्य सरकार ने खड़गपुर में तैनात IPS बुशरा बानो का महज़ इसलिए तबादला कर साइड लाइन कर दिया क्योंकि एक वीडियो संदेश के ज़रिये युवाओं से संवाद करते हुए उन्होंने इंशाअल्लाह और जज़ाकअल्लाह कहा था है।
अगले ही दिन हो गया तबादला
सरकार ने वायरल वीडियो के आधार पर अगले ही दिन उनका ट्रांसफ़र कर दिया। आईपीएस अधिकारी के इस बयान के बाद से सियासी पारा भी हाई हो चुका है। ममता बनर्जी की करीबी और टीएमसी की सांसद महुआ मोइत्रा ने मोदी सरकार का घेराव करते हुए कहा की एक तरफ तो वह खुद को सेक्युलर बताते हैं और दूसरी तरफ मुस्लिम महिला अधिकारी को ही टारगेट करते हैं।
“इंशाअल्लाह” और “जज़ाकअल्लाह” बोलने पर सुर्खियों में आई
IPS बुशरा बानो का ट्रांसफर इस समय बड़ा सवाल बना हुआ है। “इंशाअल्लाह” और “जज़ाकअल्लाह” बोलने के बाद उन्हें ट्रोल किया गया। अगले ही दिन IPS बुशरा बानों के जुंबा से बोले गए शब्दों के कारण फाइल खुली, पेन चलाकर साइन कर तबादले का फरमान जारी किया गया। जिसके बाद मामला तुल पकड़े हुए है। अब मामले की एंट्री सिसासी गलियारे तक जा पहुंची है। टीएमसी की सांसद महुआ मोइत्रा ने एक्स पर पोस्ट जारी कर बीजेपी सरकार को घेरा है।
महुआ ने किया समर्थन
महुआ ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि एक तरह ब्रिक्स समिट में प्रेयर रूम बनाकर बीजेपी सरकार ने अपनी छवि सेक्युलर दिखाई है। तो दूसरी तरफ मुस्लिम महिला IPS अधिकारी डॉ. बुशरा बानों को अस्सलाम-अलैकुम और जजाकल्लाह कहने पर किनारे लगा दिया गया है। इसके साथ ही महुआ मोइत्रा ने मीडिया पर भी निशाना साधा। महुआ मोइत्रा ने कहा कि ये गोदी मीडिया है। जो नफरत फैलाने का काम कर रही है। महुआ मोइत्रा ने आईपीएस अधिकारी बुशरा का साथ देने की बात भी कही है।
क्या है इंशाअल्लाह का पूरा मामला
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बीते दिनों पश्चिम बंगाल की IPS अधिकारी बुशरा बानों अपने करियर के बारे में बातचीत कर रही थी। वीडियो की शुरुआत करते हुए उन्होंने अस्सलामु अकलैकुम कहा। वीडियो बनाते समय बुशरा ने इंशा अल्लाह शब्द का भी इस्तेमाल किया। वहीं वीडियो के अंत में बुशरा ने जजाक्ल्लाह बोलकर इसे खत्म किया। एक आईपीएस अधिकारी द्वारा इन शब्दों के इस्तेमाल करने का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया।
गृह सचीव के पास की गई शिकायत
इसके बाद सियासत में भी इस वीडियो ने बवाल मचाकर रख दिया। गृह सचीव के पास आईपीएस अधिकारी की शिकायत की गई. शिकायत दर्ज होने के बाद संगठनों ने कहा कि एक सरकारी अधिकारी को सार्वजनिक संदेश देते समय धार्मिक अभिवादन करने से बचना चाहिए। उन्हें तटस्थ रहकर राष्ट्रीय अभिव्यक्ति का प्रयोग करना चाहिए।
हिंदू लीगल फंड ने की शिकायत
हिंदू लीगल फंड नाम के एक संगठन ने बंगाल के गृह सचिव से आईपीएस अधिकारी बुशरा के वायरल वीडियो की शिकायत की है। हिंदू लीगल फंड संगठन ने आरोप लगाते हुए बताया कि IPS अधिकारी बुशरा बानो ने अपने वीडियो में उर्दू और इस्लामिक शब्दों का प्रयोग किया है।
संगठन ने किया एक्स पोस्ट
“जय हिंद” या “वंदे मातरम्” जैसे राष्ट्रीय शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया गया। संगठन ने एक्स पोस्ट को लेकर कहा कि, भारतीय राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिकारी को सार्वजनिक संवाद में धार्मिक शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। उन्होंने गृह सचिव से इस मामले की जांच कराए जाने की मांग की है।
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